मिनेसोटा के मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एजेंट की गोलीबारी के बाद हिंसक प्रदर्शन तेज हो गए। हालात बिगड़ने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने Insurrection Act लागू कर सेना भेजने की सख्त चेतावनी दी।
Trump: अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन एजेंट्स की कथित मनमानी और गोलीबारी की घटनाओं के बाद जनता सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं, जिसके चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर हालात काबू में नहीं आए तो वह Insurrection Act यानी विद्रोह अधिनियम लागू करेंगे और सेना तैनात करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
गोलीबारी से भड़का आक्रोश
मिनियापोलिस में विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गए जब एक इमिग्रेशन एजेंट ने एक अमेरिकी नागरिक के पैर में गोली मार दी। इस घटना ने पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया। लोगों का आरोप है कि इमिग्रेशन एजेंट्स लगातार अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
घटना के बाद रात भर शहर के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। सड़कों पर भारी संख्या में लोग उतरे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
DHS का पक्ष और विवाद
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने गोलीबारी की घटना पर सफाई दी है। विभाग का कहना है कि एजेंट ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, क्योंकि तीन वेनेजुएला के नागरिकों ने उस पर फावड़े और झाड़ू के हैंडल से हमला किया था।
हालांकि, इस बयान को लेकर भी जनता में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हर बार एजेंट्स अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए इसी तरह के बयान देते हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे अलग होती है।
पिछले हफ्ते से जारी है तनाव
मिनियापोलिस में हालात पिछले सप्ताह से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक इमिग्रेशन एजेंट द्वारा 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया।

लोगों का कहना है कि रेनी निकोल गुड की मौत कोई अलग घटना नहीं थी, बल्कि यह उस सिस्टम का हिस्सा है जिसमें इमिग्रेशन एजेंट्स को जरूरत से ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। इसी वजह से मिनेसोटा ही नहीं, बल्कि अमेरिका के कई अन्य शहरों में भी प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
ट्रंप की Insurrection Act लागू करने की धमकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर मिनेसोटा के अधिकारी प्रदर्शनकारियों और विद्रोहियों को नियंत्रित करने में नाकाम रहते हैं, तो वह Insurrection Act लागू करेंगे।
यह कानून 1807 का है और इसके तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार मिलता है कि वह देश के अंदर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए active-duty military को तैनात कर सकते हैं। ट्रंप पहले भी इस कानून के इस्तेमाल की बात कर चुके हैं, लेकिन अब पहली बार उन्होंने खुलकर सेना भेजने की धमकी दी है।
Truth Social पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि मिनेसोटा में जो हो रहा है, वह कानून व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार हालात पर काबू नहीं पाती है, तो संघीय सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ेगा।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को “उपद्रवी और विद्रोही” करार दिया और कहा कि अमेरिका में अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती
हाल के हफ्तों में मिनेसोटा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। करीब 3,000 पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों को अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया है। इसके बावजूद प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
शहर के कई हिस्सों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार सड़कों पर उतर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन की चिंता
मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि चाहे इस घटना की वजह कुछ भी रही हो, लेकिन शहर में जो स्थिति बन रही है, वह स्वीकार्य नहीं है।
मेयर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।









