India-Oman CEPA: भारत का 17वां Free Trade Agreement, व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

India-Oman CEPA: भारत का 17वां Free Trade Agreement, व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

भारत ने ओमान के साथ CEPA साइन कर 17वां Free Trade Agreement पूरा किया। इस समझौते से व्यापार, निवेश और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। कई भारतीय उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटेगी, जिससे उद्योग और रोजगार को फायदा होगा।

India-Oman CEPA: भारत ने ओमान के साथ एक अहम मुक्त व्यापार समझौता यानी Free Trade Agreement (FTA) साइन कर लिया है। इसे Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) नाम दिया गया है। यह भारत का अब तक का 17वां व्यापार समझौता है। इस करार का मकसद भारत और ओमान के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देना है। सरकार का मानना है कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को नया बाजार मिलेगा और घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी।

CEPA क्या है और क्यों है अहम

CEPA दरअसल एक व्यापक व्यापार समझौता होता है, जिसमें केवल सामान ही नहीं बल्कि services, investment और economic cooperation जैसे मुद्दे भी शामिल होते हैं। भारत-ओमान CEPA के तहत दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी कम करेंगे या पूरी तरह हटाएंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान और सस्ता होगा। यह समझौता अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से लागू होने की संभावना है।

क्या होता है FTA यानी Free Trade Agreement

मुक्त व्यापार समझौता दो या उससे ज्यादा देशों के बीच होने वाला ऐसा आर्थिक करार होता है, जिसमें आपसी व्यापार पर लगने वाली बाधाएं कम की जाती हैं। इसमें customs duty घटाना, trade barriers हटाना और services के आदान-प्रदान को आसान बनाना शामिल होता है। FTA का सीधा फायदा यह होता है कि एक देश का सामान दूसरे देश में कम कीमत पर पहुंचता है और वहां ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनता है।

भारत FTA पर क्यों दे रहा है जोर

भारत पिछले कुछ सालों से FTA नीति पर तेजी से काम कर रहा है। इसकी वजह साफ है। भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में जगह दिलाना, export बढ़ाना और foreign investment आकर्षित करना। जब किसी देश के साथ FTA होता है, तो वहां भारतीय सामान बिना ड्यूटी या कम ड्यूटी के पहुंचता है।

इससे निर्यात बढ़ता है और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही कच्चा माल और capital goods सस्ते मिलते हैं, जिससे value-added manufacturing मजबूत होती है।

India-Oman CEPA में भारत को क्या फायदा

ओमान के साथ हुए इस समझौते से भारत के कई labor intensive sectors को सीधा फायदा मिलेगा। कपड़ा, gems and jewellery, चमड़ा, जूते, sports goods, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, दवाइयां, medical devices और automobiles जैसे प्रोडक्ट्स पर ओमान कस्टम ड्यूटी हटाएगा या काफी कम करेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को ओमान के बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी और उनकी लागत भी घटेगी।

ओमान को भारत से क्या मिलेगा

भारत भी ओमान से आने वाले कुछ खास प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी में राहत देगा। इनमें खजूर, मार्बल और petrochemicals जैसे उत्पाद शामिल हैं। हालांकि यह छूट quota के तहत दी जाएगी ताकि घरेलू उद्योग पर ज्यादा असर न पड़े। भारत अपनी कुल 12,556 tariff lines में से करीब 77.79 फीसदी पर टैरिफ कम करेगा। इससे ओमान से होने वाले भारत के लगभग 94.81 फीसदी आयात को कवर किया जाएगा।

अब तक किन देशों के साथ FTA कर चुका है भारत

भारत अब तक श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, UAE और मॉरीशस के साथ FTA साइन कर चुका है। इसके अलावा ASEAN के 10 देशों और यूरोप के चार देशों के समूह EFTA के साथ भी व्यापार समझौते हैं। फिलहाल अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, न्यूजीलैंड, चिली, पेरू और इजरायल जैसे देशों के साथ बातचीत जारी है।

भारत-ओमान व्यापार का मौजूदा हाल

वित्त वर्ष 2025 में भारत का ओमान को निर्यात करीब 4.1 अरब डॉलर रहा। इसमें नेफ्था, पेट्रोल, कैल्साइट एलुमिना, मशीनरी, एयरक्राफ्ट, चावल, लोहा-स्टील के उत्पाद, ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और सिरेमिक्स शामिल रहे। दूसरी ओर ओमान से भारत का आयात 6.6 अरब डॉलर का रहा। इसमें क्रूड ऑयल, liquefied natural gas और fertilizers का बड़ा हिस्सा है। CEPA लागू होने के बाद यह व्यापार और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

हर FTA में कुछ संवेदनशील उत्पादों को सुरक्षा देने के लिए negative list बनाई जाती है। भारत-ओमान CEPA में भारत ने 2,789 tariff lines को नेगेटिव लिस्ट में रखा है। इसमें डेयरी प्रोडक्ट्स, चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू, सोने-चांदी की ईंटें और ज्वेलरी, चॉकलेट्स, जूते, sports goods और कुछ base metals का स्क्रैप शामिल है। इन पर कोई ड्यूटी छूट नहीं दी जाएगी।

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