Jharkhand Nagar Nikay Result 2026: रांची से सरायकेला तक काउंटिंग जारी, आज खुलेंगी 6118 उम्मीदवारों की किस्मत

Jharkhand Nagar Nikay Result 2026: रांची से सरायकेला तक काउंटिंग जारी, आज खुलेंगी 6118 उम्मीदवारों की किस्मत

झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 की मतगणना सुबह 8 बजे से जारी है। 48 शहरी निकायों में 61.84 प्रतिशत मतदान हुआ था। आज पार्षदों के नतीजे आएंगे, जबकि मेयर और अध्यक्ष पद के परिणाम कल घोषित किए जाएंगे।

Jharkhand: Nagar Nikay Result 2026 का इंतजार आज खत्म हो रहा है। 27 फरवरी 2026 को राज्यभर में नगर निकाय चुनाव की मतगणना शुरू हो चुकी है। सुबह 8 बजे से काउंटिंग जारी है और कुल 1309 टेबलों पर वोटों की गिनती की जा रही है। 23 फरवरी 2026 को 48 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान हुआ था। इसमें 9 नगर निगम, 19 नगर परिषद और 20 नगर पंचायत शामिल हैं।

राज्य में इस बार कुल 61.84 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। अलग-अलग जिलों में वोटिंग प्रतिशत में बड़ा अंतर देखने को मिला। रांची में सबसे कम लगभग 43 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सरायकेला में 75 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई।

पार्षदों की मतगणना शुरू

आज सबसे पहले वार्ड पार्षदों के लिए मतगणना की जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। हर काउंटिंग सेंटर पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। मतगणना की प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक शुरुआती रुझान सुबह 10 बजे के आसपास आने शुरू होंगे। छोटे नगर निकायों जैसे हजारीबाग, गोड्डा और पाकुड़ के परिणाम पहले घोषित किए जा सकते हैं। बड़े नगर निगमों के परिणाम देर शाम तक आने की संभावना है।

महापौर की किस्मत का फैसला कब

आज पार्षदों के नतीजे घोषित किए जाएंगे, जबकि महापौर या अध्यक्ष पद के परिणाम कल घोषित होंगे। मेयर और अध्यक्ष पद के लिए कुल 562 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं वार्ड पार्षदों के लिए 5562 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 6118 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है।

गिनती देर रात तक चल सकती है। बताया जा रहा है कि रात 8 बजे तक अधिकतर परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे। हालांकि अंतिम आधिकारिक घोषणा के लिए निर्वाचन आयोग की पुष्टि का इंतजार करना होगा।

बैलेट पेपर से हुआ चुनाव

इस बार झारखंड नगर निकाय चुनाव पूरी तरह से बैलेट पेपर से कराए गए। यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पिछले कई चुनावों में 2013 से EVM यानी Electronic Voting Machine का इस्तेमाल किया जा रहा था।

राज्य निर्वाचन आयोग ने EVM की कमी और अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला लिया। लगभग 18 साल बाद बैलेट पेपर की वापसी हुई है। इससे पहले 2000 के दशक में मतपत्र का उपयोग किया गया था।

कुछ राजनीतिक दलों ने EVM से चुनाव कराने की मांग की थी और बैलेट पेपर को लेकर सवाल भी उठाए थे। बावजूद इसके आयोग ने बैलेट पेपर पर ही भरोसा जताया। अब मतगणना में समय थोड़ा अधिक लग सकता है क्योंकि बैलेट पेपर की गिनती में सावधानी और अधिक प्रक्रिया की जरूरत होती है।

किन शहरों में चुने जा रहे हैं मेयर

राज्य के प्रमुख नगर निगमों में मेयर का चुनाव हो रहा है। रांची, धनबाद, जमशेदपुर के मानगो और आदित्यपुर क्षेत्र, हजारीबाग, देवघर, गिरिडीह, चास बोकारो और मेदिनीनगर पलामू जैसे शहरों में मेयर पद के लिए मुकाबला है।

इन शहरों में मेयर पद की दौड़ काफी दिलचस्प मानी जा रही है। कई जगहों पर सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। वहीं कुछ स्थानों पर निर्दलीय उम्मीदवार भी मजबूत चुनौती दे रहे हैं।

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