कीव पर रूस का बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला, ट्रंप-जेलेंस्की बैठक से पहले हालात हुए भयावह

कीव पर रूस का बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला, ट्रंप-जेलेंस्की बैठक से पहले हालात हुए भयावह

यूक्रेन की राजधानी कीव पर 27 दिसंबर की रात रूस ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इस हमले में किन्न्जाल हाइपरसोनिक, इस्कैंडर बैलिस्टिक और कालिब्र क्रूज मिसाइलें शामिल थीं। कई विस्फोट हुए और शहर के पास स्थित ब्रावरी में बिजली गुल हो गई।

फ्लोरिडा: रूस और यूक्रेन के बीच लगभग चार साल से जारी संघर्ष और घातक रूप लेता जा रहा है। 27 दिसंबर की रात को यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए। शहर और आसपास के इलाकों में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के बीच रविवार को फ्लोरिडा में होने वाली शांति बैठक की तैयारियां चल रही थीं।

हमला कैसे हुआ?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने कीव पर हमला करने के लिए किंझाल हाइपरसोनिक मिसाइल, चार इस्कैंडर बैलिस्टिक मिसाइल और कई कालिब्र क्रूज मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही कई ड्रोन (यूएवी) शहर और आसपास के इलाकों में देखे गए। रूस के इस हमले में शहर के प्रमुख हिस्सों और आसपास के इलाकों में विस्फोट की आवाजें सुनी गईं। इस हमले के कारण ब्रावरी शहर में बिजली गुल हो गई। कीव और उसके आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

कीव के महापौर विटाली क्लिचको ने नागरिकों को शेल्टर में रहने की सलाह दी। यूक्रेनी एयर फोर्स ने भी नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह किया। इससे पहले जेलेंस्की ने कहा था कि अमेरिका के साथ 20-बिंदुओं का शांति प्लान लगभग 90 प्रतिशत तैयार है और ट्रंप के साथ बैठक शांति समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। बैठक में यूक्रेन की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की भूमिका पर विशेष जोर होगा।

हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि कोई भी शांति समझौता उनकी मंजूरी के बिना लागू नहीं होगा। इस बैठक का उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास करना है।

रूस का रुख

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके बल दक्षिणी यूक्रेन में मोर्चों पर आगे बढ़ रहे हैं और जारोरिज्जिया क्षेत्र के कोसोव्त्सेवो कस्बे पर कब्जा कर लिया है। मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि 20 से 26 दिसंबर के बीच उसने यूक्रेन में एक भारी और पांच समूह हमले किए। इन हमलों में किंझाल हाइपरसोनिक मिसाइलों का उपयोग भी किया गया।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये हमले यूक्रेन द्वारा रूस में नागरिक ठिकानों पर हमलों के जवाब में किए गए। मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों का उद्देश्य यूक्रेन की रक्षा उद्योग, ऊर्जा सुविधाएं, परिवहन नेटवर्क, हवाई अड्डे, बंदरगाह और सैन्य उपकरण भंडार को निशाना बनाना था। यूक्रेन और रूस के बीच लगभग चार साल से जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और घातक रूप लेता जा रहा है। रूस के हमलों के बावजूद अमेरिका समेत कई देश इस संघर्ष को रोकने के प्रयास में लगे हैं। रविवार को ट्रंप-जेलेंस्की बैठक का मकसद युद्धविराम, सुरक्षा गारंटी और संभावित शांति समझौते पर चर्चा करना है।

 

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