तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजधानी तिरुवनंतपुरम में पहली बार नगर निगम पर कब्जा जमाया। भाजपा के वीवी राजेश तिरुवनंतपुरम के नए मेयर चुने गए हैं।
तिरुवनंतपुरम: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दक्षिणी राज्य केरल में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार दोपहर वीवी राजेश ने राजधानी तिरुवनंतपुरम के मेयर के रूप में शपथ ली। पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि सभी को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा और नगर निगम के सभी 101 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि तिरुवनंतपुरम को एक विकसित शहर बनाया जा सके। गौरतलब है कि इन चुनावों में भाजपा ने 101 में से 50 वार्डों में जीत दर्ज की है, जो केरल में किसी नगर निगम में पार्टी की पहली जीत है।
101 वार्डों में 50 पर भाजपा की जीत
तिरुवनंतपुरम नगर निगम के हालिया चुनावों में भाजपा ने कुल 101 में से 50 वार्डों में जीत दर्ज की। मेयर चुनाव में वीवी राजेश को 51 वोट मिले, जिनमें एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन भी शामिल था। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के उम्मीदवार पी. शिवाजी को 29 वोट मिले, जबकि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के उम्मीदवार के. एस. सबरिनाथन को 19 वोट प्राप्त हुए, जिनमें से दो वोट बाद में अमान्य घोषित कर दिए गए। मेयर चुने जाने के बाद वीवी राजेश ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर पद की शपथ ली और इसे शहर के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया।

शपथ के बाद क्या बोले वीवी राजेश
पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में वीवी राजेश ने कहा, हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे और सभी को साथ लेकर चलेंगे। तिरुवनंतपुरम के सभी 101 वार्डों में समान रूप से विकास किया जाएगा। हमारा लक्ष्य राजधानी को एक आधुनिक और विकसित शहर में बदलना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम का काम राजनीति से ऊपर उठकर नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना होगा।
इस जीत के साथ ही तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर एलडीएफ का लगभग चार दशकों पुराना शासन समाप्त हो गया। राजधानी में भाजपा की यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक केरल में नगर निगम स्तर पर पार्टी को बड़ी सफलता नहीं मिली थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करता है।










