कुशीनगर: गन्ने के अवशेष जलाते समय बुजुर्ग महिला झुलसी — मौत, गांव में मचा मातम

कुशीनगर: गन्ने के अवशेष जलाते समय बुजुर्ग महिला झुलसी — मौत, गांव में मचा मातम

कुशीनगर जिले के रामकोला क्षेत्र के रामपुर भाट गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ। गाँव की 70-वर्षीय बुजुर्ग महिला बेचनी देवी खेत में गन्ने की छिलाई के बाद बची पत्तियों और अवशेषों को जलाने गई थी। अकेली ही उसने ये काम शुरू किया। देखते ही देखते आग फैल गई और आग की लपटों ने उसे पूरी तरह घेर लिया। इस दौरान उसकी साड़ी भी जल गई और वह झुलस कर घायल हो गयी।

परिजन और आस-पड़ोस के किसान जब घटना को समझे, तो तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया — लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने पूरे गांव को हतप्रभ कर दिया है।

बताया जाता है कि महिला गन्ने की अवशेष जलाकर निस्तारण करना चाह रही थी ताकि अगल-बगल के खेतों में आग फैलने का खतरा न रहे। लेकिन यह फैसला उसकी और परिवार की जान लेने वाला साबित हुआ।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि खेती के कामों में सुरक्षा-सावधानी का बेहद महत्व है। गन्ना काटने और अवशेष जलाने जैसे कार्यों में जलती आग, धुआं, हवा — ये सभी खतरनाक हो सकते हैं। वक्त रहते अगर आग बुझाने या जलते अवशेषों को जलाने के सही तरीके अपनाए जाते, तो शायद यह जान-लेवा हादसा टल सकता था।

अब सवाल यह उठता है — क्या खेती से जुड़े कामों में ग्रामीणों को पर्याप्त जानकारी और सुरक्षा-उपकरण दिए जाते हैं? क्या अवशेष निस्तारण के सुरक्षित तरीके हैं — जिन्हें अपनाकर इस तरह की tragedies को रोका जा सकता है?

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