बिहार के लखीसराय में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के टीजर को लेकर विवाद गहरा गया है। फिल्म के टीजर में दिखाए गए कुछ दृश्यों और शीर्षक को लेकर यादव समाज के लोगों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विरोध स्वरूप समाज के लोगों ने मार्च निकालकर प्रदर्शन किया, पोस्टर जलाए और फिल्म का नाम बदलने के साथ-साथ आपत्तिजनक दृश्य हटाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म के नाम और कुछ दृश्यों से समाज की छवि को ठेस पहुंचती है। उनका कहना है कि किसी भी जाति विशेष के नाम का इस तरह उपयोग कर मनोरंजन प्रस्तुत करना समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
जानकारी के अनुसार, विरोध मार्च शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि फिल्म का नाम नहीं बदला गया और टीजर से आपत्तिजनक दृश्य नहीं हटाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुछ जगहों पर फिल्म के पोस्टर जलाए गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।
यादव समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी भी समुदाय की गरिमा के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि फिल्म निर्माता सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और विवादित अंशों को हटाएं।
वहीं दूसरी ओर, फिल्म से जुड़े लोगों की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया पर फिल्म का टीजर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे रचनात्मक स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, जबकि विरोध करने वाले इसे सामाजिक सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल लखीसराय में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है और सभी की निगाहें प्रशासन तथा फिल्म निर्माताओं के अगले कदम पर टिकी हैं।











