इंडोनेशियन-अमेरिकन मॉडल मनोहरा ओडेलिया ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा सच दुनिया के सामने रखा है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। वर्षों तक खामोशी में जीने के बाद मनोहरा ने खुलकर बताया कि जिस ‘शाही शादी’ से उनका नाम जोड़ा गया, वह न तो उनकी अपनी मर्जी से हुई थी और न ही कानूनी रूप से वैध थी।
Model Manohara Odelia: इंडोनेशियन-अमेरिकन मॉडल मनोहरा ओडेलिया ने अपनी जिंदगी के उस सच को दुनिया के सामने रखा है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। वर्षों तक खामोशी और चुप्पी में जीने के बाद उन्होंने खुलकर बताया कि उनका नाम जिस शाही शादी से जुड़ा, वह न उनकी मर्जी से थी और न ही कानूनी रूप से सही थी।
सिर्फ 16 साल की उम्र में जबरन हुई शादी
मनोहरा ओडेलिया की शादी साल 2008 में मलेशिया के केलंतान राज्य के शाही परिवार से जुड़े तेंगकु फाखरी से हुई थी। उस समय वह महज 16 वर्ष की थीं, एक ऐसी उम्र जिसमें किसी किशोरी को अपने सपनों और भविष्य को आकार देने का अधिकार होना चाहिए। मनोहरा ने कहा कि उस दौर को ‘रिश्ता’ या ‘विवाह’ कहना सच्चाई को तोड़-मरोड़ना है। उनके अनुसार, यह शादी पूरी तरह से उनके नियंत्रण और सहमति के बिना हुई।
मनोहरा ने अपने बयान में बताया कि शाही महल के भीतर उनका जीवन सुनहरे पिंजरे की तरह था। उन्हें बाहर की दुनिया से संपर्क करने की अनुमति नहीं थी। परिवार ने उनसे दूरी बनाए रखने को कहा और हर कदम पर उनका नियंत्रण किया जाता था। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें स्वतंत्र रूप से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी और लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उनके शब्दों में यह दौर डर और मजबूरी का रोजमर्रा का हिस्सा बन गया था।

2009 में लिया साहसिक कदम
साल 2009 में मनोहरा ने अपने जीवन को बदलने का साहसिक कदम उठाया। एक विदेशी यात्रा के दौरान, सिंगापुर के एक होटल से उन्होंने अपनी मां, स्थानीय पुलिस और अमेरिकी दूतावास की मदद से महल से बाहर निकलने में सफलता पाई। यह पल उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया लौटकर अपनी पहचान और स्वतंत्रता फिर से हासिल करने की कोशिश शुरू की।
हाल ही में मनोहरा ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि उन्हें मीडिया द्वारा प्रिंस की “पूर्व पत्नी” कहे जाने पर आपत्ति है। उनका कहना है कि यह शब्द यह भ्रम पैदा करता है कि उन्होंने एक वयस्क और स्वेच्छा से वैध विवाह किया था। मनोहरा ने साफ कहा कि न तो वह उस समय सहमति देने योग्य थीं, और न ही परिस्थितियां उन्हें ‘ना’ कहने की आजादी देती थीं। उनके अनुसार, यह अनुभव एक अनचाहा और जबरन निभाया गया विवाह था, जिसे उन्होंने अब अपने साहस और संघर्ष के बल पर सार्वजनिक किया है।










