BMC चुनाव 2026: क्या है मुस्लिम वोटरों का रुख, जानें PM मोदी का असर कितना? सर्वे में खुलासा

BMC चुनाव 2026: क्या है मुस्लिम वोटरों का रुख, जानें PM मोदी का असर कितना? सर्वे में खुलासा

BMC चुनाव 2026 से पहले सामने आए सर्वे में मुस्लिम मतदाताओं का रुख स्पष्ट नहीं दिखा। 64 फीसदी वोटर अनिर्णीत हैं। PM मोदी और स्थानीय मुद्दों का सीमित असर नजर आया।

BMC Election: महाराष्ट्र में बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे। यह चुनाव लगभग एक दशक के बाद हो रहा है, इसलिए इसे राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव के अगले दिन ही नतीजे आने की संभावना है। इस बार चुनाव में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दे वोटरों के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।

सर्वे में उभरी शिवसेना की मजबूत स्थिति

Ascendia द्वारा 25 दिसंबर को किए गए ताजा सर्वे में बताया गया कि इस बार शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) मजबूत स्थिति में है। सर्वे के अनुसार महिला वोटरों की भूमिका निर्णायक हो सकती है क्योंकि कई महिला मतदाता सुरक्षा और स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर वोटिंग करेंगे।

पीएम मोदी और सीएम फडणवीस का असर

सर्वे में यह भी पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चेहरे का वोटिंग पर कितना असर पड़ेगा। इसके जवाब में शामिल मतदाताओं ने अपनी प्राथमिकता का बंटवारा किया। 4 फीसदी महिलाएं, 4 फीसदी मुस्लिम मतदाता, 2 फीसदी मराठी और 4 फीसदी अन्य मतदाता ने कहा कि वे चुनावी निर्णय में नेताओं के चेहरे को महत्व देंगे। हालांकि, ज्यादातर मतदाता वोटिंग पार्षद के पिछले कामकाज और विकास कार्यों के आधार पर वोट देंगे।

मुस्लिम मतदाताओं का रुख

सर्वे में मुस्लिम मतदाताओं के रुझान भी सामने आए। 12 फीसदी मुस्लिम मतदाता ऐसे हैं जो मुस्लिम उम्मीदवार को खड़ा करने वाली पार्टी को वोट देंगे। वहीं 2 फीसदी ऐसे मतदाता हैं जो ऐसे उम्मीदवार को वोट देंगे जो बीजेपी को हराने की स्थिति में हो। 10 फीसदी मतदाता राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन के समर्थन में दिखाई दिए। 11 फीसदी मतदाता कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में हैं। सर्वे में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 64 फीसदी मतदाताओं ने कोई जवाब नहीं दिया, यानी अभी तक उनका मन स्पष्ट नहीं है।

बीजेपी और महायुति के निर्विरोध उम्मीदवार

महायुति के 68 उम्मीदवारों ने शुक्रवार तक निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। बीजेपी नेता केशव उपाध्याय के अनुसार, राज्य भर में बीजेपी और महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो पार्टी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। इनमें बीजेपी के 44 उम्मीदवार शामिल हैं। सबसे अधिक संख्या ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से है।

विपक्ष की आपत्तियां

शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने आरोप लगाए हैं कि सत्तारूढ़ दल विपक्षी उम्मीदवारों को हटाने के लिए धन और दबाव का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा उन्होंने धमकी देने और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के भी आरोप लगाए हैं। विपक्ष का कहना है कि ऐसे हालात चुनाव को निष्पक्ष नहीं रहने देंगे।

महिला और सुरक्षा मुद्दे निर्णायक

सर्वे में यह भी सामने आया कि इस बार महिला वोटरों की संख्या और उनकी सक्रिय भागीदारी निर्णायक हो सकती है। सुरक्षा, सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दे महिलाओं के वोटिंग व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से पार्टियों ने महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए विशेष अभियान चलाने शुरू कर दिए हैं।

वोटिंग का अंतिम रुझान

अभी तक सर्वे यह संकेत दे रहा है कि मुस्लिम मतदाता में ध्रुवीकरण कम है। 64 फीसदी ने जवाब नहीं दिया, जो बताता है कि चुनाव के अंतिम समय तक मुस्लिम मतदाता किसी पार्टी के पक्ष में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, बीजेपी और महायुति के निर्विरोध उम्मीदवारों की संख्या उनके लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है।

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