MEA का बयान! खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा पर ईरान से तीन बार हुई चर्चा, होर्मुज रूट पर फोकस

MEA का बयान! खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा पर ईरान से तीन बार हुई चर्चा, होर्मुज रूट पर फोकस

भारत ने ईरान के साथ तीन बार बातचीत कर खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की।

New Delhi: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल के दिनों में ईरानी विदेश मंत्री से तीन बार बातचीत की है। इन वार्ताओं में विशेष रूप से खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई। जायसवाल ने कहा कि इन वार्ताओं का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और भारतीय नागरिकों एवं वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के असर और खाड़ी में हो रही घटनाओं का असर सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है।

खाड़ी क्षेत्र में शांति

रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गल्फ देशों के कई लीडर्स से बातचीत की है। इन चर्चाओं का मुख्य फोकस बातचीत और डिप्लोमेसी के माध्यम से जल्दी शांति स्थापित करना था। प्रधानमंत्री ने इस दौरान नागरिकों की सुरक्षा और सिविलियन कैजुअल्टी से बचाव पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। गल्फ देशों में बड़ी भारतीय कम्युनिटी की सुरक्षा और कल्याण पर जोर दिया गया। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता और सीमा सुरक्षा के उल्लंघनों की भी निंदा की।

भारतीय नागरिकों की सहायता

विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि युद्ध और तनाव के बीच भारत अपने नागरिकों की सहायता कर रहा है। विशेष रूप से उन भारतीयों के लिए जो अजरबैजान और आर्मेनिया से वापसी करना चाहते हैं। उन्हें वीजा देने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। साथ ही जमीनी सीमा पार करने और कमर्शियल फ्लाइट्स से भारत लौटने में भी सहायता दी जा रही है। 

पाकिस्तान पर कड़ी प्रतिक्रिया

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को लेकर स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत उन बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है जो पाकिस्तान की ओर से लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के रूप में पाकिस्तान की कोई साख नहीं है। बॉर्डर पार आतंकवाद और हिंसा की घटनाओं में पाकिस्तान अक्सर भारत पर आरोप लगाता है, लेकिन यह वास्तविकता को नहीं बदलता।

सुरक्षा पर भारत की प्राथमिकता

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारतीय सरकार की प्राथमिकता खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है। इसके लिए भारत लगातार दोनों पक्षों से संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर वार्ता और सहयोग का रास्ता अपनाता है। ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर भारत लगातार ईरान और अन्य देशों से बात कर रहा है ताकि तेल और गैस की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

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