राहुल गांधी ने रायबरेली से MGNREGA बचाओ अभियान को नई रफ्तार दी है। नए कानून के विरोध में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 30 महापंचायतों के जरिए ग्रामीण रोजगार और मजदूर अधिकारों की लड़ाई तेज करेगी।
Rahul Gandhi News: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली से केंद्र सरकार को सीधा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी MGNREGA को खत्म किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने जिस देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत की है, उसका अहम पड़ाव अब उत्तर प्रदेश बनने जा रहा है। राहुल गांधी का दो दिवसीय रायबरेली दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां से ‘MGNREGA बचाओ’ मिशन को नई धार देने की कोशिश होगी।
कांग्रेस का दावा है कि नया कानून ग्रामीण रोजगार की आत्मा को कमजोर करता है और इससे करोड़ों गरीब परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी सीधे जनता से संवाद करने उतर रहे हैं।
दो दिवसीय दौरे में जनसंवाद पर फोकस
राहुल गांधी अपने दौरे के पहले दिन 20 जनवरी को लखनऊ से सड़क मार्ग के जरिए रायबरेली पहुंचेंगे। वह भुएमाऊ गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्य जनसभा, चौपाल और संगठनात्मक बैठकों के जरिए पार्टी के आंदोलन को जमीन पर मजबूती देना है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी का यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह ग्रामीण इलाकों में जाकर सीधे लोगों की समस्याएं सुनेंगे। खासतौर पर मनरेगा से जुड़े मजदूरों और ग्रामीण परिवारों से संवाद को प्राथमिकता दी गई है।
रोहनिया में MGNREGA चौपाल का आयोजन
दौरे के पहले दिन राहुल गांधी रोहनिया, उन्चाहार में एक विशेष ‘MGNREGA चौपाल’ का आयोजन करेंगे। यह चौपाल एक सामुदायिक सभा के रूप में होगी, जहां मनरेगा से जुड़े मजदूर, ग्रामीण प्रतिनिधि और स्थानीय नेता शामिल होंगे।
इस चौपाल के जरिए कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी सिर्फ संसद में नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर मनरेगा को बचाने की लड़ाई लड़ेगी। राहुल गांधी यहां केंद्र सरकार के नए कानून के प्रभावों पर बात करेंगे और यह समझाने की कोशिश करेंगे कि कैसे यह बदलाव ग्रामीण रोजगार की सुरक्षा को कमजोर कर सकता है।
खेल और विकास कार्यक्रमों में भी भागीदारी
राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ राहुल गांधी रायबरेली में विकास और युवाओं से जुड़े आयोजनों में भी हिस्सा लेंगे। वह आईआईटी कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में यूथ स्पोर्ट्स एकेडमी रायबरेली द्वारा आयोजित प्रीमियर लीग टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे।

इसके अलावा, वह एमपीएलएडीएस यानी सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत कराए जा रहे विभिन्न कार्यों का शुभारंभ भी करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि इससे यह संदेश जाएगा कि पार्टी विरोध के साथ-साथ विकास को भी बराबर महत्व देती है। राहुल गांधी नगर निगम अध्यक्ष के आवास पर भी जाएंगे, जहां स्थानीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
दूसरे दिन संगठनात्मक बैठकें
दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी अपने गेस्ट हाउस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में चल रहे ‘MGNREGA बचाओ’ आंदोलन की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन बैठकों में जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के नेताओं को आंदोलन से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, ताकि कार्यक्रम सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाए।
नए कानून के खिलाफ कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने हाल ही में पारित विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G अधिनियम, 2025 का कड़ा विरोध किया है। यह नया कानून मनरेगा की जगह लाया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे ग्रामीण रोजगार की गारंटी कमजोर होगी और मजदूरों को मिलने वाला संरक्षण खत्म हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने साफ कहा है कि पार्टी इस कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाएगी। उनके मुताबिक, यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।
उत्तर प्रदेश में 30 महापंचायतों की तैयारी
अजय राय ने बताया कि नए कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में 30 महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा। इन महापंचायतों के जरिए कांग्रेस गांव-गांव तक अपनी बात पहुंचाना चाहती है। उन्होंने संकेत दिए कि इन महापंचायतों में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे भी कुछ कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। इससे साफ है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी ताकत झोंकने के मूड में है।
तीन चरणों में चल रहा ‘MGNREGA बचाओ’ आंदोलन
इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ ‘MGNREGA बचाओ’ शीर्षक से देशव्यापी तीन चरणों के आंदोलन की घोषणा की थी। पार्टी के अनुसार, इस अभियान का दूसरा चरण 12 जनवरी से शुरू हो चुका है और 30 जनवरी तक चलेगा।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इस चरण के तहत सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर की चौपालें आयोजित की जाएंगी। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष का पत्र भी आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पार्टी का पक्ष सीधे जनता के सामने रखा जा सके।
वेणुगोपाल ने यह भी बताया कि विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चे बांटने की योजना बनाई गई है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को आंदोलन से जोड़ना है। 30 जनवरी को शहीद दिवस के अवसर पर पार्टी एमजीएनआरईजीए कार्यकर्ताओं के साथ वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक होगा।










