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मनसुख मांडविया ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 'मोंडो ट्रैक' का किया उद्घाटन

मनसुख मांडविया ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 'मोंडो ट्रैक' का किया उद्घाटन

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 के अवसर पर खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारत का पहला मोंडो ट्रैक उद्घाटित किया। इस मौके पर खेल मंत्री ने कहा कि यह देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है और भारत अब खेलों में महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत ने पिछले कुछ सालों में खेल के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। देश ने ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिए भी दावेदारी पेश की है और भारतीय खिलाड़ी दुनिया के हर कोने में तिरंगा लहरा रहे हैं। भारत सरकार ने खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभाशाली युवाओं की खोज की है। अब, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए, खेल मंत्री मनसुख मांडविया की पहल पर दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मोंडो ट्रैक बिछाने का कार्य पूरा हो गया है।

मनसुख मांडविया ने कहा

मनसुख मांडविया ने उद्घाटन समारोह में कहा कि मोंडो ट्रैक देश के एथलीटों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा:

'हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को खेलों का महाशक्ति बनाना है। यह ट्रैक राष्ट्रमंडल खेल 2030 और ओलंपिक 2036 के लिए भारत की तैयारियों का हिस्सा बनेगा। हमें गर्व है कि भारत अब उन 25 देशों में शामिल है जिनके पास यह विश्वस्तरीय ट्रैक है।'

मनसुख मांडविया ने बताया कि इस ट्रैक का निर्माण केवल चार महीनों में साई इंजीनियरिंग विंग की पहल से पूरा हुआ। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत को खेल राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मोंडो ट्रैक की विशेषताएं

मोंडो ट्रैक एथलीटों के लिए उच्च स्तरीय तैयारी की सुविधा प्रदान करता है। यह विश्व स्तर के टूर्नामेंट्स के लिए उपयुक्त है और लॉस एंजेलेस ओलंपिक 2028 में भी इसका उपयोग किया जाएगा। इस ट्रैक की स्थापना से पहले, भारतीय एथलीटों को विश्व स्तरीय तैयारी के लिए विदेश जाना पड़ता था। अब भारत में ही उनके पास प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध है।

नीरज चोपड़ा और अन्य एथलीटों की प्रतिक्रिया

भारत के जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा ने उद्घाटन के अवसर पर कहा: जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में यह ट्रैक बनना हमारे लिए गर्व की बात है। अब हम विश्व स्तर की तैयारी सीधे अपने देश में कर सकते हैं। पैरालंपिक में दो गोल्ड जीत चुके सुमित अंतिल ने कहा कि यह ट्रैक उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए बेहतर अनुभव देगा। 

वहीं एथलीट प्रीति पाल ने कहा: सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि अब हम इस ट्रैक पर दौड़ने का अनुभव प्राप्त करेंगे। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है। भारत ने ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिए दावेदारी भी पेश की है। इसके अलावा, खेलो इंडिया और अन्य कार्यक्रमों के जरिए युवा प्रतिभाओं को पहचान और अवसर दिए जा रहे हैं।

मोंडो ट्रैक का उद्घाटन न केवल एथलीटों के लिए एक उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के खेलों में वैश्विक पहचान को भी मजबूत करता है। यह ट्रैक 2025 में होने वाली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी एथलीटों को तैयार करेगा।

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