मोदी सरकार पर बहुजनों के साथ विश्वासघात का आरोप, राहुल गांधी ने संसद में की आलोचना

मोदी सरकार पर बहुजनों के साथ विश्वासघात का आरोप, राहुल गांधी ने संसद में की आलोचना

लोकसभा में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जाति जनगणना को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ठोस योजना, समय-सारिणी और जनता से संवाद की कोई तैयारी नहीं है, जो बहुजनों के साथ विश्वासघात है।

New Delhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जाति जनगणना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बहुजनों के साथ विश्वासघात किया है क्योंकि सरकार के पास न तो कोई ठोस रूपरेखा है, न कोई समयबद्ध योजना और न ही जनता से संवाद की इच्छा। राहुल गांधी ने कहा कि यह रुख सामाजिक न्याय की राह में बाधा डालता है और अन्य राज्यों के सफल अनुभवों से सीखने की भी कोई तैयारी नहीं है।

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा कि संसद में उन्होंने सरकार से जाति जनगणना के संबंध में प्रश्न पूछा। उन्होंने बताया कि सरकार का जवाब चौंकाने वाला था। कोई ठोस रूपरेखा नहीं, कोई समय-सारिणी नहीं, कोई सार्वजनिक चर्चा नहीं और जनता से कोई संवाद नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह रवैया देश के बहुजनों के साथ विश्वासघात है।

दशवार्षिक जनगणना की तैयारी पर सवाल

राहुल गांधी ने जाति जनगणना की प्रक्रियाओं और संभावित समय-सीमा के बारे में सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार जनगणना के प्रश्नों का मसौदा प्रकाशित करने और जनता या जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेने का प्रस्ताव रखती है। इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार विभिन्न राज्यों में किए गए जाति सर्वेक्षणों और पिछले अनुभवों पर विचार कर रही है।

गांधी ने स्पष्ट किया कि यह सवाल सामाजिक न्याय और बहुजनों के अधिकारों से जुड़ा है। उनका कहना था कि यदि सरकार ने इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं किया और जनता से सुझाव नहीं मांगे, तो यह बहुजनों के साथ भरोसेघात होगा।

केंद्र सरकार का जवाब

केंद्र सरकार की ओर से गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगली जनगणना पिछली जनगणनाओं से प्राप्त अनुभवों को ध्यान में रखेगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनगणना से पहले संबंधित हितधारकों से सुझाव मांगे जाते हैं। नित्यानंद राय ने कहा कि भारत में जनगणना का इतिहास 150 वर्षों से अधिक पुराना है और हर बार अनुभवों से सीख लेकर प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाता है।

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