फरवरी 2026 में देश में खुदरा महंगाई 3.21% रही, जनवरी की 2.74% के मुकाबले बढ़ी। खाद्य, आभूषण और कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के कारण ग्रामीण क्षेत्र में महंगाई 3.37% तक पहुंची।
New Delhi: देश में फरवरी 2026 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 3.21 प्रतिशत पर रहा, जबकि जनवरी में यह 2.74 प्रतिशत था। यह आंकड़ा आधार वर्ष 2024 की नई सीरीज पर आधारित है। बढ़ती महंगाई की यह दर संकेत देती है कि घरेलू खर्च और जीवनयापन की लागत धीरे-धीरे बढ़ रही है।
खाद्य महंगाई में तेज वृद्धि
फरवरी में खाद्य महंगाई (Food Inflation) में विशेष रूप से बढ़ोतरी देखी गई। NSO के आंकड़ों के अनुसार फरवरी में खाद्य महंगाई 3.47 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो जनवरी में केवल 2.13 प्रतिशत थी। इसमें सबसे ज्यादा योगदान सोना-चांदी और अन्य आभूषणों के साथ-साथ ताजे फल और सब्जियों की कीमतों ने दिया। टमाटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों के दाम बढ़ने से घरेलू बाजार में दबाव महसूस हुआ।
वहीं, नारियल-खोपरा और प्लैटिनम जैसे उपभोक्ता वस्त्रों और आभूषणों की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर लहसुन, प्याज, आलू, अरहर और लीची जैसी वस्तुओं के दाम में नरमी आई। इस तरह खाद्य महंगाई में कुछ असमानता देखने को मिली है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई
महंगाई का प्रभाव शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में महसूस किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में फरवरी में महंगाई दर 3.37 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.02 प्रतिशत दर्ज की गई। यह संकेत है कि ग्रामीण बाजार में खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अधिक तेजी रही, जबकि शहरों में महंगाई अपेक्षाकृत थोड़ी धीमी रही।
सोना और चांदी के दाम भी बढ़े
महंगाई को बढ़ावा देने में सोना और चांदी के दामों का भी योगदान रहा। आभूषणों और कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी से उपभोक्ता खर्च पर असर पड़ा। घरेलू बाजार में सोना और चांदी के रेट बढ़ने से निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के लिए यह चुनौती बनी हुई है।













