बिहार में हड़ताल के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला, पांच राजस्व अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार

बिहार में हड़ताल के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला, पांच राजस्व अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार

बिहार में अपनी मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारी और अंचलाधिकारी फिलहाल हड़ताल पर हैं, जिसका असर कामकाज पर भी पड़ रहा है। इस बीच Vijay Kumar Sinha, जो राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री और उपमुख्यमंत्री भी हैं।

पटना: Bihar में राजस्व कर्मचारियों और अंचल अधिकारियों की चल रही हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा के पांच अधिकारियों के त्यागपत्र स्वीकार कर लिए हैं। इस फैसले के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने मंगलवार, 10 मार्च 2026 को इन इस्तीफों को मंजूरी दी। बताया गया है कि यह निर्णय संबंधित जिलाधिकारियों की अनुशंसा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद लिया गया है।

तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल

सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिन अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं, उनमें तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों के त्यागपत्र उनकी आवेदन तिथि से प्रभावी माने गए हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, विभाग को इन अधिकारियों के इस्तीफे पहले ही प्राप्त हो चुके थे। संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों की अनुशंसा मिलने और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार ने इन्हें औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी।

स्वीकृत इस्तीफों में अंशु कुमार का नाम शामिल है, जो पहले वैशाली जिले के गोरौल अंचल में अंचलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनका त्यागपत्र 19 दिसंबर 2025 से प्रभावी माना गया है। इसी प्रकार राजन कुमार, जो रोहतास जिले के बिक्रमगंज में राजस्व अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, उनका इस्तीफा 26 जून 2025 से प्रभावी माना गया है।

महिला अधिकारियों में शिवांगी पांडेय का नाम शामिल है, जो सारण जिले के परसा में राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात थीं। उनका त्यागपत्र 7 मई 2025 से प्रभावी माना गया है। इसके अलावा अंकिता वर्मा, जो रोहतास जिले के राजपुर में अंचलाधिकारी के पद पर कार्यरत थीं, उनका इस्तीफा 27 अगस्त 2024 से प्रभावी माना गया है। वहीं स्मृति कुमारी, जो हाजीपुर सदर में राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात थीं, उनका त्यागपत्र 20 अगस्त 2025 से प्रभावी माना गया है।

हड़ताल के बीच फैसले से बढ़ी चर्चा

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब राज्य में राजस्व कर्मचारी और अंचल अधिकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के कारण कई जिलों में भूमि और राजस्व से जुड़े कामकाज प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से पहले ही हड़ताली कर्मचारियों को काम पर लौटने की चेतावनी दी जा चुकी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में कहा था कि यदि सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न होती है तो सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों के अनुसार संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा भेजी गई अनुशंसाओं और विभागीय समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके बाद विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है, जिससे इन अधिकारियों के इस्तीफे अब आधिकारिक रूप से लागू हो गए हैं।

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