अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर होने जा रहे ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारियाँ चरम पर पहुँच चुकी हैं। सोमवार को आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
Ram Mandir Flag Hoisting: प्रधानमंत्री के स्वागत और अभिनंदन की तैयारियों को लेकर भाजपा का संपर्क व संवाद अभियान निरंतर जारी है। ध्वजारोहण समारोह को अद्वितीय और भव्य स्वरूप देने के लिए हजारों संतों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। समारोह के दौरान संत वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद और घंटों की ध्वनि से प्रधानमंत्री का अभिनंदन करेंगे, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक पवित्र एवं गरिमामय बन जाएगा।
संत समुदाय और भाजपा नेतृत्व ने तेज की तैयारियाँ
ध्वजारोहण समारोह को अद्वितीय और अविस्मरणीय बनाने के लिए हजारों संतों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद और घंटा-ध्वनि के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया जाएगा। इसी क्रम में अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्त, भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और अन्य पदाधिकारी शहर के प्रमुख मंदिरों के महंतों से मुलाकात कर उन्हें समारोह में आमंत्रित कर रहे हैं।
रंगमहल मंदिर के महंत रामशरण दास सहित कई प्रतिष्ठित मंदिरों जगन्नाथ मंदिर, अमांवा मंदिर के संत इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। भाजपा प्रतिनिधि प्रत्येक प्रतिष्ठान और व्यापारिक संस्थान से संपर्क कर स्वागत-अभिनंदन की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।
विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने इसे अयोध्या के लिए गौरव का क्षण बताया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री का यह आगमन अयोध्या की सांस्कृतिक गरिमा को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगा। वहीं महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि संतों की उपस्थिति के लिए निर्धारित स्थान चिन्हित कर दिए गए हैं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ सौंप दी गई हैं।

ध्वज का हुआ वैदिक महापूजन
रविवार को ध्वजारोहण समारोह के प्रमुख अनुष्ठान के अंतर्गत राम मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाले पवित्र ध्वज का वैदिक रीति से महापूजन संपन्न हुआ। यह ध्वज केवल एक प्रतीक मात्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों का द्योतक माना जाता है। पूजन की प्रक्रिया एक विशाल यज्ञकुंड के आसपास संपन्न हुई, जिसमें आचार्यों ने विष्णु सहस्रनाम, गणेश अथर्वशीर्ष और विभिन्न वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियाँ अर्पित कीं। यज्ञाग्नि से उठती लपटें और मंत्रों की गूंज ने वातावरण को पवित्रता और दिव्यता से भर दिया।
ध्वज का अभिषेक पंचगव्य, गंगाजल, पुष्पजल और सुगंधित द्रव्यों से किया गया। इसके बाद चंदन, अक्षत और मंगल-जल अर्पित करते हुए ध्वज को ‘राम नाम’ की ध्वनि के साथ सुशोभित आसन पर स्थापित किया गया। शंखनाद और नगाड़ों की ध्वनि से पूरा परिसर गूंज उठा, और श्रद्धालु इस अनूठे आध्यात्मिक अनुभव से अभिभूत हो उठे।
पीएम मोदी करेंगे रोड शो, पारंपरिक स्वागत के लिए तैयार 5 हजार महिलाएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। उनके अयोध्या आगमन पर एक भव्य रोड शो का भी आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर से साकेत महाविद्यालय पहुंचना प्रस्तावित है, जहां से वे श्रीराम जन्मभूमि परिसर तक रोड शो करेंगे।
एक किलोमीटर लंबे रामपथ को आठ जोनों में विभाजित किया गया है, जहाँ विभिन्न समाजों और स्वयं सहायता समूहों की लगभग 5,000 महिलाएँ प्रधानमंत्री की पारंपरिक शैली में अगवानी करेंगी। थाली, आरती, फूल-माला और नमस्कार मुद्रा के साथ होने वाला यह स्वागत अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक उजागर करेगा।











