चित्तौड़गढ़: मेवाड़ क्षेत्र में स्थित विश्वविख्यात श्री सांवलिया सेठ मंदिर में इस बार आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ा है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर खोले गए भंडार में इस बार 40 करोड़ 33 लाख 39 हजार रुपये की ऐतिहासिक राशि निकली है। दीपावली के चलते दो माह का भंडार एक साथ खोला गया, जिससे चढ़ावे की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक पहुंची। मंदिर प्रशासन के अनुसार कुल राशि छठे चरण के बाद और भी बढ़ सकती है।
सुरक्षा के बीच शुरू हुई गणना प्रक्रिया
दो दिवसीय मासिक मेले के पहले दिन सुबह भक्ति-भावना और पूजा-विधि के साथ भंडार खोला गया। मंदिर परिसर में पुलिस और प्रबंधकों की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। गिनती प्रक्रिया को छह चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें मंदिर मंडल के अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ शामिल रहे।
पाँच चरणों में ही 40 करोड़ पार
अब तक पाँच चरणों की गणना पूरी हो चुकी है, जिनमें—
- पहले चरण में 12 करोड़ 35 लाख रुपये
- दूसरे चरण में 8 करोड़ 54 लाख रुपये
- तीसरे चरण में 7 करोड़ 08 लाख 80 हजार रुपये
- चौथे चरण में 8 करोड़ 15 लाख 80 हजार रुपये
- पाँचवें चरण में 4 करोड़ 19 लाख 79 हजार रुपये
इन पाँच चरणों के बाद कुल राशि 40 करोड़ 33 लाख से ऊपर जा पहुंची है। छठा और अंतिम चरण अभी जारी है।
सोने-चांदी की भेंट की भी भारी मात्रा
नकद राशि के अलावा इस बार भक्तों ने सोना-चांदी भी भरपूर मात्रा में अर्पित किया है। भेंट कक्ष में जमा गहनों, धातु वस्तुओं और भेजे गए मनीऑर्डर का वजन और सत्यापन चल रहा है। मंदिर अधिकारियों के अनुसार धातु की कुल मात्रा का मूल्यांकन अगली प्रक्रिया में जारी किया जाएगा।
दीपावली बाद का मेला बना आकर्षण का केंद्र
हर माह लाखों श्रद्धालु सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन दीपावली बाद आयोजित होने वाला मासिक मेला विशेष आकर्षण रखता है। इस बार भक्तों की रिकॉर्ड संख्या ने मंदिर परिसर को पूरी तरह खचाखच भर दिया। प्रशासन का कहना है कि बढ़ती श्रद्धा और विश्वास ही इस बार के चढ़ावे को ऐतिहासिक स्तर तक ले गए हैं।
मंदिर प्रबंधन ने संकेत दिया है कि इतनी बड़ी राशि का उपयोग भक्त सुविधाओं, सेवा परियोजनाओं और मंदिर विस्तार योजनाओं में किया जाएगा। अधिकारी अंतिम गिनती के बाद कुल चढ़ावे की आधिकारिक घोषणा करेंगे। सभी की निगाहें अंतिम आंकड़े पर टिकी हैं, जिससे एक नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है।











