सेना उप-प्रमुख पुष्पेंद्र सिंह पहुंचे पुणे, इंडियन आर्मी को मजबूती देने की तैयारियों का लिया जायजा

सेना उप-प्रमुख पुष्पेंद्र सिंह पहुंचे पुणे, इंडियन आर्मी को मजबूती देने की तैयारियों का लिया जायजा

थलसेना के उप प्रमुख (VCOAS) लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने पुणे में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) लिमिटेड और भारत फोर्ज लिमिटेड की रक्षा निर्माण इकाइयों का दौरा किया। इस दौरान उन्हें आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप विकसित की जा रही नई और उभरती रक्षा तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई।

नई दिल्ली: भारत की रक्षा क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम के तहत थलसेना के उप प्रमुख (VCOAS) लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने पुणे का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देश की अग्रणी रक्षा विनिर्माण कंपनियों लार्सन एंड टुब्रो (L&T) लिमिटेड और भारत फोर्ज लिमिटेड की रक्षा उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण किया। 

यह दौरा भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया (डिफेंस)’ विजन के तहत स्वदेशी रक्षा तकनीकों को बढ़ावा देने के प्रयासों से जुड़ा माना जा रहा है।

स्वदेशी रक्षा तकनीकों की समीक्षा

पुणे दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह को दोनों कंपनियों की ओर से विकसित की जा रही नई और उभरती रक्षा तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस तरह भारतीय रक्षा उद्योग आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म और सिस्टम तैयार कर रहा है।

इस अवसर पर रोबोटिक्स, मानव रहित हवाई यान (UAV), ड्रोन तकनीक, और आधुनिक तोपखाना प्लेटफॉर्म से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। ये सभी तकनीकें भविष्य के युद्धक्षेत्र में भारतीय सेना की क्षमता और प्रभावशीलता को कई गुना बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

बदलते युद्धक्षेत्र की चुनौतियों पर फोकस

थलसेना के उप प्रमुख ने बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का युद्धक्षेत्र पारंपरिक लड़ाइयों तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर वॉरफेयर, ड्रोन हमले, सटीक मारक क्षमता वाले हथियार और ऑटोमेशन अब आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। ऐसे में स्वदेशी रक्षा उद्योग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने L&T और भारत फोर्ज जैसी भारतीय कंपनियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय क्षमताएं उपलब्ध कराने में रक्षा उद्योग का योगदान सराहनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से रक्षा उत्पादन में न केवल गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि आत्मनिर्भरता, लागत में कमी और तेज आपूर्ति जैसे लाभ भी सामने आए हैं।

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