सोनभद्र में पकड़ में आए बड़े कफ-सिरप तस्करी नेटवर्क के बाद अब पुलिस की नज़र उन मेडिकल फर्मों के संचालकों पर है, जिनके माध्यम से यह अवैध कारोबार चल रहा था। दो फर्मों के मालिक अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने खोज अभियान तेज कर दिया है।
छापेमारी के दौरान पकड़ा गया मुख्य सप्लायर कई राज्यों में संचालित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया गया था। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब पुलिस फरार फर्म मालिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जांच में पता चला है कि बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप को ट्रकों और कंटेनरों में छिपाकर दूसरे राज्यों तक भेजा जा रहा था। बरामदगी में भारी मात्रा में सिरप मिलने से यह स्पष्ट है कि नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग इलाकों में इसकी सप्लाई होती थी।
फरार फर्म मालिकों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। फर्मों के कागज़ात, बैंक लेन-देन और लाइसेंस की जांच की जा रही है।तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले ने जिले में मेडिकल ड्रग्स की अवैध सप्लाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












