पिछले हफ्ते निफ्टी और बैंक निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। एक्सपर्ट जिगर एस पटेल के अनुसार निफ्टी 24,900 के रीटेस्ट की ओर बढ़ सकता है, जबकि बैंक निफ्टी 57,800 तक गिरने की संभावना है।
Stock Market Outlook: पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। विदेशी निवेश का बाहर जाना और कुछ प्रमुख सेक्टरों के कमजोर तिमाही नतीजे मुख्य कारण रहे। आनंद राठी ग्रुप के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल के अनुसार निफ्टी 24,900 के रीटेस्ट की ओर बढ़ सकता है, जबकि बैंक निफ्टी 57,800 तक गिरने की संभावना है। ट्रेडर्स को इस समय सावधानी बरतने और स्पष्ट संकेतों का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
पिछले हफ्ते बाजार का रुख
19 से 23 जनवरी 2026 के कारोबारी हफ्ते में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। हफ्ते की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई, जिससे निफ्टी लगभग 25,000 के स्तर पर आ गया और सेंसेक्स 81,500 से नीचे गिर गया। सप्ताह के बीच में थोड़ी रिकवरी हुई, जिसमें निफ्टी लगभग 25,290 तक और सेंसेक्स 82,300 के आसपास पहुंचा। हालांकि यह रिकवरी स्थायी नहीं रही और सप्ताह के अंत में बिकवाली का दबाव फिर बढ़ा। नतीजतन निफ्टी 25,050 के करीब और सेंसेक्स लगभग 81,540 पर आ गया।
पिछले हफ्ते गिरावट के कारण
जिगर एस पटेल के अनुसार पिछली गिरावट के पीछे कई कारण हैं। लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का बाहर जाना, तीसरी तिमाही में कमजोर माने जा रहे वित्तीय नतीजे, खासकर IT और कंजम्पशन सेक्टर में, रुपये की कमजोरी और वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताएं मुख्य वजह रही। ये सभी फैक्टर्स मिलकर बाजार में अस्थिरता और जोखिम से बचने की भावना को बढ़ा रहे हैं।
निफ्टी का अगला रुख
पटेल के अनुसार निफ्टी ने पिछले सप्ताह निर्णायक रूप से 25,400 के सपोर्ट लेवल को तोड़ा और 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिर गया। अब निफ्टी 24,900 के रीटेस्ट की ओर बढ़ सकता है, जिससे चल रहे करेक्शन फेज को पूरा करने में मदद मिल सकती है। यदि इंडेक्स 24,800 के आसपास स्थिर नहीं होता है, तो 24,500-24,400 के पास अगला महत्वपूर्ण डिमांड जोन बन सकता है। हालांकि, इतनी बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
ट्रेडर्स के लिए सलाह
चार्ट में संभावित सकारात्मक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) डायवर्जेंस के संकेत दिखते हैं, जो गिरावट की गति धीमी होने का संकेत है। जब नया निचला स्तर बन जाता है, तो बाजार बेस-बिल्डिंग फेज में प्रवेश कर सकता है। ब्रॉडर मार्केट में थोड़ी लंबी गिरावट हो सकती है, लेकिन यह अंतिम चरण हो सकता है। निफ्टी में 25,400 के पास रिकवरी देखने को मिल सकती है। ट्रेडर्स को सावधानी से काम लेने और नई डायरेक्शनल पोजीशन लेने से पहले स्पष्ट कन्फर्मेशन का इंतजार करने की सलाह दी जाती है।
बैंक निफ्टी का विश्लेषण
बैंक निफ्टी में पिछले हफ्ते बिकवाली का दबाव बढ़ा। इंडेक्स ने 59,000 का पिछला सपोर्ट तोड़ दिया और 58,300 के पास नया निचला स्तर बनाया। यह कमजोर ट्रेंड का संकेत देता है। ब्रेकडाउन से पता चलता है कि 60,000 की ओर पहले की रिकवरी टिक नहीं पाई। मौजूदा स्तरों पर बैंक निफ्टी 57,800 के जोन की ओर गिर सकता है, जो अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा सकता है।
ऊपर की ओर, किसी भी उछाल को 59,000-59,600 जोन में तुरंत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। यह जोन पुलबैक के दौरान मजबूत सप्लाई एरिया के रूप में काम कर सकता है।
बैंक निफ्टी के लिए ट्रेडिंग सलाह
कुल मिलाकर बैंक निफ्टी अभी सतर्क दौर में है। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे सोच-समझकर ट्रेड करें और जब तक स्थिरता स्पष्ट न हो जाए, तब तक आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें। निचले सपोर्ट जोन के आसपास प्राइस बिहेवियर पर बारीकी से नजर रखना जरूरी है। स्पष्ट डायरेक्शनल संकेतों का इंतजार करना इस समय सुरक्षित रणनीति होगी।










