Stock Market Update 06 January 2026 में Sensex और Nifty कमजोर शुरुआत के साथ खुले। RIL और HDFC Bank में बिकवाली, तेल-गैस सेक्टर दबाव और एशियाई बाजारों के मिले-जुले संकेतों से बाजार पर असर दिखा।
Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार 6 जनवरी को कमजोर शुरुआत की। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों और हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण बाजार लाल निशान में खुला। खास तौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने सेंटीमेंट को कमजोर किया। तेल और गैस सेक्टर के शेयरों में दबाव भी बाजार को नीचे खींचने वाला फैक्टर बना।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
तीस शेयरों वाला BSE Sensex गिरावट के साथ कारोबार शुरू करता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंकों से ज्यादा फिसलकर 85,331 के स्तर पर खुला। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में इसमें और कमजोरी देखने को मिली। सुबह करीब 9:23 बजे सेंसेक्स 283.79 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,155.83 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
वहीं NSE का Nifty 50 भी दबाव में नजर आया। निफ्टी 26,189.70 के स्तर पर गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:24 बजे तक यह 55.20 अंक या 0.21 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 26,195 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार की यह चाल साफ तौर पर बताती है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
RIL और HDFC Bank में बिकवाली का असर
आज बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव रिलायंस इंडस्ट्रीज और HDFC Bank जैसे हैवीवेट शेयरों से आया। इन दोनों शेयरों में शुरुआती कारोबार में बिकवाली देखने को मिली। चूंकि इन कंपनियों का सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ा वेटेज है, इसलिए इनमें आई गिरावट ने पूरे बाजार को प्रभावित किया।
तेल और गैस सेक्टर से जुड़े अन्य शेयरों में भी कमजोरी रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सेक्टर से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण निवेशक इस समय सतर्क नजर आ रहे हैं।
वैश्विक संकेतों पर निवेशकों की नजर
ग्लोबल लेवल पर निवेशकों की नजर कई अहम आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है। यूरो ज़ोन से HCOB Services और Composite PMI के अंतिम आंकड़े जारी होने वाले हैं। इसके अलावा ब्रिटेन से S&P Global Services और Composite PMI के फाइनल डेटा पर भी बाजार की नजर रहेगी।
अमेरिका में दिसंबर महीने के कुल वाहन बिक्री के आंकड़े जारी किए जाएंगे। ये आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को समझने में मदद करेंगे। वहीं घरेलू मोर्चे पर निवेशक HSBC के Services और Composite PMI के अंतिम आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो भारत के सर्विस सेक्टर की सेहत का संकेत देंगे।
Asian Markets का मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। हाल के दिनों में वैश्विक बाजारों में आई तेजी के बाद निवेशक अब भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई और वहां के अपदस्थ नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 1.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 0.85 प्रतिशत की गिरावट में रहा। ऑस्ट्रेलिया का ASX S&P 200 इंडेक्स भी 0.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ ट्रेड करता दिखा।
शुरुआती एशियाई कारोबार में US Equity Futures लगभग स्थिर रहे, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल निवेशक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
Wall Street से मिले मजबूत संकेत
अमेरिकी शेयर बाजारों में सोमवार को मजबूती देखने को मिली। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों ने फिलहाल किसी बड़े वैश्विक टकराव की आशंका को नजरअंदाज किया। इसका असर अमेरिकी इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया।
S&P 500 इंडेक्स 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite में 0.69 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार को सपोर्ट दिया।
Dow Jones Industrial Average ने कारोबार के दौरान नया रिकॉर्ड स्तर छुआ और सत्र के अंत में 1.23 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। यह दिखाता है कि अमेरिकी बाजारों में फिलहाल निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
IPO Market में सुस्ती का माहौल
प्राइमरी मार्केट की बात करें तो आज मुख्य बोर्ड पर कोई नया IPO या लिस्टिंग नहीं है। ऐसे में मेन बोर्ड सेगमेंट में सुस्ती का माहौल रहने की संभावना है।
हालांकि SME सेगमेंट में हलचल देखने को मिल सकती है। Gabion Technologies India का IPO आज निवेशकों के लिए खुल रहा है। छोटे निवेशक और हाई रिस्क लेने वाले निवेशक इस सेगमेंट में मौके तलाश सकते हैं।
Commodity Market में तेल का उतार-चढ़ाव
कमोडिटी बाजार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। Brent Crude 1.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 61.76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं अमेरिकी WTI Crude में हल्की कमजोरी देखने को मिली। यह 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58.14 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। तेल की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में ऊर्जा सेक्टर के शेयरों पर असर डाल सकता है।









