सुलतानपुर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल से नवंबर के बीच 9,000 से अधिक लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिससे आम जनता में दहशत फैल गई है। जिला अस्पताल के अनुसार, रोजाना 40 से 50 मरीज कुत्तों के काटने के बाद एंटी-रेबीज़ वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। पहले इस बीमारी के लिए 14 डोज लगाए जाते थे, लेकिन अब नई प्रणाली के तहत केवल 4 डोज में पूरा उपचार किया जा रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गलियों और सड़कों पर कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं, लेकिन उनकी रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अस्पतालों में वैक्सीन की कमी नहीं है और सभी मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद लोग प्रशासन से आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण में लाने की मांग कर रहे हैं।









