लोकसभा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष बहस, प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी भी हो सकती है संभव

लोकसभा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष बहस, प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी भी हो सकती है संभव

लोकसभा में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष बहस होगी, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन में गीत का महत्व और समकालीन भारत में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी के शामिल होने से बहस की महत्ता बढ़ेगी।

New Delhi: लोकसभा इस सप्ताह 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर एक विशेष बहस आयोजित करने की तैयारी में है। यह बहस स्वतंत्रता आंदोलन में इस राष्ट्रभक्ति गीत की भूमिका और समकालीन भारत में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालने का अवसर देगी। अनुमान है कि सदन में इस विषय पर लगभग 10 घंटे तक चर्चा होगी। इस बहस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान पर गहन मंथन का अवसर प्रदान करेगी।

वंदे मातरम का महत्व

वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर, 1875 को पहली बार साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित किया था। बाद में इसे अपने अमर उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल किया गया, जो 1882 में प्रकाशित हुआ। रवींद्रनाथ टैगोर ने इसका संगीत तैयार किया। यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है और भारत की राष्ट्रीय पहचान का स्थायी प्रतीक बन गया है।

संसद में बहस की तैयारियां

एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि इस सत्र का मुख्य आकर्षण यही बहस होगी। सदस्यों को स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम की भूमिका, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। यह बहस न केवल गीत की ऐतिहासिक प्रासंगिकता को रेखांकित करेगी बल्कि समकालीन भारत में इसकी भूमिका पर भी प्रकाश डालेगी। प्रधानमंत्री मोदी के शामिल होने से इस बहस की महत्ता और बढ़ जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने 7 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन किया था। बहस में उनकी उपस्थिति सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाएगी जिसने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की पीढ़ियों को प्रेरित किया। यह चर्चा भारत की राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने का अवसर होगी।

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