बांग्लादेश में उस्मान हादी मर्डर केस में पुलिस ने बड़ा ब्रेकथ्रू हासिल किया। हत्या में शामिल आरोपी के करीबी सहयोगी हिमोन रहमान को ढाका से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई।
Dhaka: बांग्लादेश में युवा आंदोलनकारी नेता और इंकलाब मंच के प्रमुख प्रवक्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या ने पूरे देश की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में अब बांग्लादेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हत्या में शामिल आरोपी के करीबी सहयोगी हिमोन रहमान शिकदर को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को केस की दिशा में एक अहम ब्रेकथ्रू माना जा रहा है।
नॉर्थ ढाका के होटल से हुई गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिमोन रहमान शिकदर को बुधवार दोपहर करीब 2 बजे नॉर्थ ढाका के अदाबार इलाके में स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से फरार था और पहचान छुपाकर होटल में रह रहा था। खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने होटल में छापा मारा और बिना किसी बड़ी झड़प के उसे हिरासत में ले लिया।
हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को हिमोन रहमान के पास से कई खतरनाक सामान मिले हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से एक विदेशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, आतिशबाज़ी का सामान, गन पाउडर और क्रूड बम बनाने से जुड़ी सामग्री बरामद की है। इन बरामदगियों ने इस हत्याकांड को और गंभीर बना दिया है। पुलिस का कहना है कि यह सामान किसी बड़े साजिश की ओर इशारा करता है।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिमोन रहमान उस मोटरसाइकिल सवार आलमगीर का सहयोगी था, जिसने कथित तौर पर उस्मान हादी को गोली मारी थी। इस केस का मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद अब भी फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और कई इलाकों में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को भी पकड़ लिया जाएगा।
पूछताछ में सामने आ सकते हैं बड़े खुलासे
हिमोन रहमान से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के दौरान इस हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों और फंडिंग नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां मिल सकती हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस हमले के पीछे किसी संगठित group या extremist network का हाथ तो नहीं है।
कौन था शरीफ उस्मान हादी

शरीफ उस्मान बिन हादी बांग्लादेश के चर्चित युवा नेताओं में गिने जाते थे। वह इंकलाब मंच के प्रमुख प्रवक्ता थे और देशभर में एक तेजतर्रार आंदोलनकारी के रूप में पहचाने जाते थे। हादी ने पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन की अगुवाई की थी। वह उन छात्र नेताओं में शामिल थे, जिनके नेतृत्व में राजधानी ढाका समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।
शेख हसीना विरोधी आंदोलन का चेहरा
हादी शेख हसीना सरकार के सबसे मुखर विरोधियों में से एक थे। 2024 के छात्र आंदोलन में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है। इसी आंदोलन के दबाव में शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था और उनकी सरकार गिर गई थी। इसके बाद हादी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और वह युवा वर्ग में एक मजबूत राजनीतिक चेहरा बनकर उभरे।
इंकलाब मंच की पहचान
इंकलाब मंच बांग्लादेश में शेख हसीना विरोधी आंदोलन के दौरान चर्चा में आया संगठन है। इस मंच की पहचान एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में की जाती है। अवामी लीग के खिलाफ आंदोलन में इंकलाब मंच सबसे आगे रहा था। उस्मान हादी इस संगठन का प्रमुख चेहरा था और उसकी रणनीति तथा सार्वजनिक बयानबाजी संगठन की पहचान बन चुकी थी।
चुनावी मैदान में भी सक्रिय था हादी
शरीफ उस्मान हादी ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। फरवरी में होने वाले चुनावों के लिए वह जोर-शोर से प्रचार कर रहे थे। माना जा रहा है कि उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और लोकप्रियता भी हत्या की एक बड़ी वजह हो सकती है।
12 दिसंबर को मारी गई थी गोली
यह सनसनीखेज वारदात 12 दिसंबर 2025 को हुई थी। ढाका के पल्टन इलाके में कल्वरट रोड पर उस समय हमला हुआ, जब उस्मान हादी बैटरी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा में यात्रा कर रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक गोली चला दी। गोली सीधे उनके सिर में लगी और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए।
सिंगापुर तक चला इलाज का संघर्ष
घटना के बाद हादी को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर 15 दिसंबर को उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल (SGH) के न्यूरोसर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट में एयरलिफ्ट किया गया। कई दिनों तक life support पर रहने के बाद आखिरकार उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सामने आते ही बांग्लादेश में तनाव और गुस्सा फैल गया।










