Wipro Q3FY26 Results: मुनाफे में 7 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी शेयरहोल्डर्स को ₹6 का डिविडेंड

Wipro Q3FY26 Results: मुनाफे में 7 प्रतिशत की गिरावट, फिर भी शेयरहोल्डर्स को ₹6 का डिविडेंड

Wipro Q3FY26 में लेबर कोड्स के एकमुश्त असर से मुनाफा 7 प्रतिशत घटा। हालांकि रेवेन्यू और मार्जिन में सुधार रहा और कंपनी ने निवेशकों को ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया।

Wipro Q3FY26 Results: देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो (Wipro) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही यानी Q3FY26 के नतीजे जारी किए। नतीजों में जहां एक ओर कंपनी के मुनाफे में गिरावट देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू ग्रोथ, बेहतर मार्जिन और डिविडेंड के ऐलान ने निवेशकों को राहत दी। बेंगलुरु मुख्यालय वाली इस आईटी दिग्गज कंपनी ने साफ किया कि मुनाफे में आई गिरावट की बड़ी वजह नए श्रम कानूनों यानी Labour Codes का लागू होना है, जिसका एकमुश्त असर कंपनी के खातों पर पड़ा।

Q3FY26 में मुनाफा 7 प्रतिशत घटा

विप्रो ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 7 प्रतिशत घटकर 3,119 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 3,353.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। कंपनी के मुताबिक, नए लेबर कोड्स के लागू होने से 302.8 करोड़ रुपये का एकमुश्त अस्थायी प्रावधान करना पड़ा, जिसका सीधा असर शुद्ध मुनाफे पर पड़ा।

तिमाही आधार पर देखें तो Q2FY26 के मुकाबले भी मुनाफे में 3.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह गिरावट ऑपरेशनल कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि नियामकीय बदलाव के चलते आई है।

ऑपरेशन से रेवेन्यू में 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

मुनाफे में गिरावट के बावजूद विप्रो के रेवेन्यू आंकड़े सकारात्मक रहे। Q3FY26 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 5.5 प्रतिशत बढ़कर 23,555.8 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 22,318.8 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 3.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

यह संकेत देता है कि विप्रो के बिजनेस में मांग बनी हुई है और कंपनी को नई डील्स के जरिए लगातार काम मिल रहा है। खासतौर पर डिजिटल, क्लाउड और AI आधारित सेवाओं में कंपनी की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।

रेवेन्यू गाइडेंस से क्या उम्मीद

विप्रो ने आगे की तिमाही के लिए भी रेवेन्यू गाइडेंस साझा किया। कंपनी के मुताबिक, आईटी सर्विसेज बिजनेस से रेवेन्यू 2,635 मिलियन डॉलर से 2,688 मिलियन डॉलर के दायरे में रह सकता है। स्थिर मुद्रा यानी Constant Currency में यह तिमाही आधार पर 0 से 2 प्रतिशत तक की ग्रोथ को दर्शाता है।

यह गाइडेंस बताता है कि कंपनी मैक्रो अनिश्चितताओं के बावजूद सतर्क लेकिन स्थिर ग्रोथ की राह पर आगे बढ़ रही है। आईटी सेक्टर में वैश्विक स्तर पर खर्च को लेकर जो दबाव बना हुआ है, उसके बीच यह गाइडेंस निवेशकों के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।

CEO का बयान और AI पर फोकस

विप्रो के CEO और Managing Director श्रीनी पल्लिया ने Q3FY26 के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तीसरी तिमाही में कंपनी ने अपनी उम्मीदों के अनुरूप व्यापक आधार पर वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI एक रणनीतिक जरूरत बनता जा रहा है, Wipro Intelligence कंपनी के लिए एक मजबूत डिफरेंशिएटर के रूप में उभर रहा है।

उनके अनुसार, इस तिमाही में विप्रो ने कई अहम डील्स जीतीं, जिनमें AI-एनेबल प्लेटफॉर्म्स और सॉल्यूशंस की बड़ी भूमिका रही। कंपनी ने WINGS और WEGA जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए AI आधारित डिलीवरी को बड़े स्तर पर लागू किया है। इसके साथ ही दुनिया भर में अपने इनोवेशन नेटवर्क का भी विस्तार किया गया है, जिससे क्लाइंट्स को बेहतर और तेज समाधान मिल सके।

मार्जिन में सुधार बना बड़ी ताकत

विप्रो की CFO अपर्णा अय्यर ने बताया कि कंपनी की आईटी सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन Q3FY26 में 17.6 प्रतिशत रही। यह तिमाही और सालाना दोनों आधार पर सुधार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पिछले कुछ वर्षों में कंपनी का सबसे बेहतर मार्जिन प्रदर्शन है।

उन्होंने यह भी बताया कि मजबूत एक्जीक्यूशन और लागत नियंत्रण की वजह से ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेट इनकम के 135 प्रतिशत के बराबर रहा। यह दिखाता है कि कंपनी की कैश जेनरेशन क्षमता मजबूत बनी हुई है, जो किसी भी आईटी कंपनी के लिए लंबी अवधि में बेहद अहम होती है।

शेयरहोल्डर्स को ₹6 का डिविडेंड

Q3FY26 के नतीजों के साथ विप्रो ने अपने शेयरहोल्डर्स को खुशखबरी दी। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 6 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। CFO के मुताबिक, इस डिविडेंड के साथ वित्त वर्ष के लिए कुल भुगतान करीब 1.3 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

डिविडेंड का यह फैसला बताता है कि मुनाफे में अस्थायी गिरावट के बावजूद कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और वह अपने निवेशकों को रिटर्न देने में सक्षम है।

IT सेक्टर पर लेबर कोड का असर

विप्रो अकेली ऐसी आईटी कंपनी नहीं है, जिस पर नए लेबर कोड्स का असर पड़ा हो। इस तिमाही में TCS, Infosys और HCLTech जैसी बड़ी कंपनियों ने भी अपने नतीजों में Labour Codes के चलते एकमुश्त प्रभाव की जानकारी दी है।

TCS ने बताया कि Q3FY26 में उसे नए श्रम कानूनों के चलते 2,128 करोड़ रुपये का वैधानिक असर झेलना पड़ा। Infosys को इस तिमाही में 1,289 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि HCLTech ने लगभग 82 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 719 करोड़ रुपये का खर्च एकमुश्त प्रावधान के तौर पर दर्ज किया।

शेयर बाजार में Wipro का प्रदर्शन

Q3FY26 के नतीजों के दिन विप्रो के शेयरों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। शुक्रवार को बीएसई पर Wipro Share Price 2.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 267.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। बाजार ने मुनाफे में गिरावट से ज्यादा रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन सुधार और डिविडेंड के ऐलान को अहम माना।

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