योगी सरकार ने अयोध्या को दिया बड़ा तोहफा: टाटा ग्रुप बनाएगा वर्ल्ड क्लास राम मंदिर संग्रहालय, 2027 से पहले होगा तैयार

योगी सरकार ने अयोध्या को दिया बड़ा तोहफा: टाटा ग्रुप बनाएगा वर्ल्ड क्लास राम मंदिर संग्रहालय, 2027 से पहले होगा तैयार

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बड़ा उपहार दिया है। 2 दिसंबर 2025 को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में अयोध्या में विश्वस्तरीय राम मंदिर संग्रहालय के निर्माण को मंजूरी दे दी गई। 

लखनऊ: योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या को एक बड़ी सौगात दी है। 2 दिसंबर 2025 को लखनऊ स्थित लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में 21 में से 20 प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें अयोध्या में एक विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय बनाने का निर्णय भी शामिल है। यह संग्रहालय अयोध्या के मांझा जमथरा क्षेत्र में 52.102 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। 

राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि यह वर्ल्ड क्लास मंदिर संग्रहालय करीब 52 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। वहीं, मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अगले 10 दिनों में इस प्रोजेक्ट को लेकर टाटा समूह के साथ एमओयू साइन किया जाएगा और संग्रहालय दो वर्षों के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। उम्मीद है कि वर्ष 2027 के चुनाव से पहले यह परियोजना साकार रूप ले लेगी।

मांझा जमथरा में बनेगा 52 एकड़ में भव्य संग्रहालय

सरकार के अनुसार यह वर्ल्ड क्लास मंदिर संग्रहालय अयोध्या के सदर तहसील स्थित ग्राम मांझा जमथरा में कुल 52.102 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसमें से लगभग 25 एकड़ नजूल भूमि को इस परियोजना के लिए चिन्हित किया गया है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि यह संग्रहालय धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा।

10 दिनों में टाटा से होगा एमओयू

राज्य सरकार में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी दी कि इस परियोजना को लेकर अगले 10 दिनों के भीतर टाटा ग्रुप के साथ एमओयू साइन कर लिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यह संग्रहालय डेढ़ से दो साल के भीतर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके निर्माण के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक केवल मंदिर दर्शन कर लौटने के बजाय एक दिन से अधिक समय तक शहर में रुकेंगे।

मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस संग्रहालय में भगवान श्रीराम से जुड़ी ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें रामायण से जुड़े प्रसंग, प्राचीन पांडुलिपियां, मंदिर परंपराएं, डिजिटल गैलरी, ऑडियो-विजुअल शो और इंटरैक्टिव प्रदर्शनी शामिल होंगी। सरकार का उद्देश्य है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक राम कथा और भारतीय संस्कृति को गहराई से समझ सकें।

टाटा ग्रुप और केंद्र सरकार की त्रिपक्षीय भागीदारी

राज्य सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस परियोजना को लेकर संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार), उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड के बीच पहले ही 3 सितंबर 2024 को त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके तहत टाटा ग्रुप को यह भूमि नाममात्र दर पर 1 रुपये प्रति वर्ष के पट्टे पर 90 वर्षों के लिए दी जाएगी, ताकि संग्रहालय का निर्माण और संचालन सुचारु रूप से किया जा सके। पूरी परियोजना को सीएसआर फंड के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

इस संग्रहालय के निर्माण से अयोध्या में पर्यटन, होटल, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बड़ा विस्तार होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अयोध्या अब केवल धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभर रही है।

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