बीकानेर के गंगाशहर में यूको बैंक से नकली सोना गिरवी रखकर करीब 19 लाख रुपए का गोल्ड लोन लेने का मामला सामने आया है। मां-बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
Rajasthan: बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र में गोल्ड लोन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गंगाशहर स्थित यूको बैंक ने मां-बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। बैंक का आरोप है कि आरोपियों ने नकली सोने को असली बताकर बैंक से लाखों रुपए का लोन हासिल किया। इस मामले में यूको बैंक गंगाशहर शाखा के अधिकारी रवि आर्य ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मां-बेटे ने लिया था 18.87 लाख रुपए का लोन
बैंक अधिकारी के अनुसार, रामप्यारी सोलंकी और उसके बेटे दाऊलाल सोलंकी ने यूको बैंक से गोल्ड लोन के तहत 18 लाख 87 हजार रुपए प्राप्त किए थे। लोन लेने के लिए आरोपियों ने तय मानक के अनुसार सोने के गहने बैंक में गिरवी रखे।
आरोप है कि आरोपियों ने इन गहनों को शुद्ध सोने का बताया और उसी आधार पर बैंक ने लोन स्वीकृत कर दिया। शुरुआत में गहनों की प्राथमिक जांच कसौटी पर की गई, जिसमें वे सोने जैसे प्रतीत हुए।
जांच में निकले गहने नकली
बैंक द्वारा बाद में जब गिरवी रखे गए गहनों की विस्तृत जांच करवाई गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जिन गहनों को सोना बताया गया था, वे असली सोने के नहीं थे।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जानबूझकर नकली गहनों को असली बताकर बैंक को धोखे में रखा और बड़ी रकम का लोन हासिल किया। बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नीयत से यह पूरा कृत्य किया गया।
लोन की राशि भी नहीं लौटाई
बैंक का यह भी आरोप है कि लोन लेने के बाद आरोपियों ने अब तक लोन की राशि जमा नहीं करवाई। समय पर भुगतान नहीं होने और जांच में गहनों के नकली पाए जाने के बाद बैंक प्रबंधन ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें बैंक के भरोसे का गलत फायदा उठाया गया।
सितंबर 2025 में लिया गया था लोन
एफआईआर के अनुसार, यह गोल्ड लोन सितंबर 2025 में लिया गया था। काफी समय तक राशि जमा नहीं होने और शक गहराने पर बैंक ने गहनों की दोबारा जांच करवाई, जिसके बाद पूरा मामला उजागर हुआ।
गंगाशहर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उप निरीक्षक मोनिका को सौंपी गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह की ठगी पहले भी तो नहीं की गई।











