भारत के हेल्थकेयर सेक्टर ने पिछले सालों में शानदार प्रदर्शन दिखाया है। इक्विरस की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में मेडटेक, हॉस्पिटल और फार्मा कंपनियों में तेजी, IPO और M&A सौदों से निवेश बढ़ने की संभावना है।
Share Market: भारत के शेयर बाजार में हेल्थकेयर सेक्टर पिछले कुछ वर्षों से तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। इक्विरस कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, एनएसई हेल्थकेयर इंडेक्स ने पिछले 1, 3 और 5 सालों में निफ्टी 50 से बेहतर रिटर्न दिए हैं। मेडटेक, हॉस्पिटल और फार्मा सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे निवेशक इन क्षेत्रों में अधिक पैसा लगा रहे हैं।
मेडटेक और हॉस्पिटल सेक्टर ने दिया सबसे ज्यादा फायदा
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले तीन साल में निफ्टी 50 ने 48% रिटर्न दिया, जबकि फार्मा सेक्टर ने 73%, हॉस्पिटल कंपनियों ने 183%, और मेडटेक ने 221% का लाभ हासिल किया। पिछले एक साल में भी मेडटेक और हॉस्पिटल कंपनियों ने निफ्टी 50 से कई गुना बेहतर रिटर्न दिया।
फंडरेजिंग और M&A में रिकॉर्ड वृद्धि
लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर कंपनियों ने FY26 में 72,440 करोड़ रुपये जुटाए, जो FY22 के 62,432 करोड़ रुपये से अधिक है। फार्मा सेक्टर में डील का औसत आकार 700 करोड़ से बढ़कर 2,100 करोड़ रुपये, और हॉस्पिटल सेक्टर में 300 करोड़ से बढ़कर 850 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। M&A सौदों का औसत आकार चार गुना बढ़कर 3,000 करोड़ रुपये हो गया। FY26 में शेयर बाजार के जरिए जुटाई गई 51,000 करोड़ रुपये में 63% यानी 32,000 करोड़ रुपये केवल फार्मा सेक्टर से आए।
2026 में पांच बड़े ट्रेंड
इक्विरस ने साल 2026 के लिए पांच प्रमुख ट्रेंड बताए हैं। पहला, प्राइवेट इक्विटी फंड हेल्थकेयर सेवाओं को पूरे देश में जोड़ने की कोशिश तेज करेंगे। दूसरा, डायग्नोस्टिक कंपनियां छोटे शहरों और कस्बों में अपने नेटवर्क बढ़ाने के लिए स्थानीय कंपनियों को खरीदेंगी। तीसरा, निवेशकों की दिलचस्पी सिंगल-स्पेशियलिटी अस्पतालों और मेडटेक कंपनियों में बढ़ेगी। चौथा, मेडटेक कंपनियों के प्रोडक्ट कम हैं, लेकिन मांग ज्यादा है, जिससे कीमतें और वैल्यूएशन बढ़ेंगे। पांचवां, अस्पताल कम खर्च वाले मॉडल पर काम करेंगे और नई शाखाएं खोलेंगे।
IPO और पब्लिक मार्केट का प्रीमियम
रिपोर्ट में कहा गया है कि फार्मा, CDMO, हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक कंपनियों को पब्लिक मार्केट में उनकी कमाई के मुकाबले अधिक प्रीमियम मिल रहा है। इसी कारण कई कंपनियां IPO, QIP और अन्य माध्यमों से पैसा जुटाने के लिए उत्साहित हैं। पब्लिक और प्राइवेट मार्केट के वैल्यूएशन में अंतर कंपनियों को IPO लाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
आउटलुक: अगले तीन साल में बड़ा निवेश
इक्विरस का अनुमान है कि आने वाले तीन सालों में हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज सेक्टर में प्राइवेट इक्विटी और M&A सौदों के जरिए 5.3 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश आएगा। इसके अलावा, प्राइवेट इक्विटी एग्ज़िट और नई पूंजी जुटाने की वजह से इक्विटी कैपिटल मार्केट में लगभग 8 अरब डॉलर की गतिविधि हो सकती है। सिर्फ हेल्थकेयर और मेडटेक सेक्टर में ही 4.5 अरब डॉलर तक का निवेश आ सकता है, क्योंकि इन क्षेत्रों की मांग तेजी से बढ़ रही है।











