Ajit Doval का बड़ा बयान: ‘देश ऑटोपायलट पर भी चले, तो विकसित भारत बन जाएगा’

Ajit Doval का बड़ा बयान: ‘देश ऑटोपायलट पर भी चले, तो विकसित भारत बन जाएगा’

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल शनिवार को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (वीबीवाईएलडी) के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए, जहां उन्होंने युवाओं से संवाद किया।

Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा है कि भारत अब उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां अगर देश “ऑटोपायलट” पर भी चलता रहे, तो भी वह विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने यह बात शनिवार को आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD)’ के उद्घाटन समारोह में कही। डोभाल का यह बयान न केवल मौजूदा नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाता है, बल्कि भारत के भविष्य को लेकर एक मजबूत आत्मविश्वास भी प्रकट करता है।

युवाओं से संवाद में NSA डोभाल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि उनका कार्यक्षेत्र और अनुभव युवाओं से काफी अलग है। उन्होंने कहा, आपमें से अधिकांश मुझसे 60 साल छोटे हैं। मेरा जन्म आज़ाद भारत में नहीं, बल्कि आज़ादी से पहले हुआ था। मेरी जवानी तो कब की गुजर चुकी है, इसलिए मैं सोच में था कि यहां आना चाहिए या नहीं।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि समय बदल चुका है और आज की पीढ़ी के सामने चुनौतियां और अवसर दोनों कहीं अधिक हैं। NSA डोभाल ने साफ शब्दों में कहा कि भारत का विकसित होना अब तय है। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में सबसे अहम चीज़ निर्णय लेने की क्षमता होती है। आप हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी, फैसलों का महत्व भी बढ़ता जाएगा। सही निर्णय ही व्यक्ति और देश की दिशा तय करता है, उन्होंने कहा।

‘शक्तिशाली हैं तो ही आज़ाद रहेंगे’

वैश्विक हालात पर बात करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि दुनिया में चल रहे अधिकांश युद्ध और संघर्ष इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं। उन्होंने कहा, अगर आप शक्तिशाली हैं, तो आप स्वतंत्र रहेंगे। आत्मविश्वास के बिना हथियार और ताकत भी बेकार हैं। उन्होंने नेतृत्व के महत्व को रेखांकित करते हुए नेपोलियन का उदाहरण दिया, मैं एक भेड़ के नेतृत्व में 1000 शेरों से नहीं डरता, लेकिन एक शेर के नेतृत्व में 1000 भेड़ों से डरता हूं।

NSA डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसा नेतृत्व मिला है, जिसकी प्रतिबद्धता, समर्पण और मेहनत पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा है। डोभाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी भारत को ऐसे मजबूत आधार पर ले आए हैं कि देश की विकास यात्रा अब स्वाभाविक गति से आगे बढ़ेगी।

‘विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास’ से भारत का उदाहरण

अपने संबोधन में डोभाल ने एक ऐतिहासिक संदर्भ भी दिया। उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर द्वारा लिखी गई किताब ‘विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास’ का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया है कि पहली से उन्नीसवीं सदी तक दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत और चीन का प्रभुत्व रहा। उन्होंने कहा कि करीब 1700 वर्षों तक भारत और चीन मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था का 55–60 प्रतिशत हिस्सा थे। हम कभी विज्ञान, तकनीक और अर्थव्यवस्था के शिखर पर थे, लेकिन हमारा पतन हुआ, क्योंकि कुछ भी स्थायी नहीं होता, डोभाल ने कहा।

डोभाल ने युवाओं को यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रवाद और राष्ट्र निर्माण कोई एक बार की प्रक्रिया नहीं है। राष्ट्र को मजबूत बनाए रखने के लिए निरंतर संघर्ष की जरूरत होती है। यह प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती, उन्होंने कहा।

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