तेलंगाना की राजनीतिक दुनिया में एक नया तूफान आने वाला है। K. Kavitha, जो तेलंगाना के मुख्यमंत्री K. Chandrashekar Rao की बेटी और भारत राष्ट्र समिति की पूर्व सदस्य हैं, ने तेलंगाना में अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने का बड़ा ऐलान किया है।
नई दिल्ली: K Kavitha, जो पहले Bharatiya Rashtra Samiti की सदस्य रह चुकी हैं और K. Chandrashekar Rao की बेटी हैं, Telangana new party बनाने जा रही हैं। के कविता ने यह घोषणा तब की, जब दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें और Arvind Kejriwal समेत कुल 23 लोगों को Delhi liquor scam case में बरी कर दिया। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में नया दल बनाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दिल्ली शराब घोटाले में बरी हुईं के कविता
दिल्ली की अदालत ने हाल ही में K. Kavitha और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal समेत 23 अन्य लोगों को दिल्ली शराब घोटाले के मामले में बरी कर दिया। अदालत ने सभी पर लगे आरोपों को मान्य नहीं माना और उन्हें निर्दोष करार दिया। के कविता ने अदालत के फैसले के बाद तिरुपति के Tirumala Balaji Temple में दर्शन किए और भगवान बालाजी से आशीर्वाद लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे उम्मीद है कि भगवान बालाजी के आशीर्वाद से हम जल्द ही तेलंगाना में एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं।
तेलंगाना में नई पार्टी का मकसद

के कविता ने स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी एक रीजनल पार्टी होगी और मुख्य रूप से तेलंगाना के लोगों के कल्याण और राज्य के विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा, पार्टी पूरी तरह से तेलंगाना के लोगों के हितों और विकास के लिए काम करेगी। हमारा लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक हमारी योजनाएं और नीतियां पहुंचे।
उन्होंने महिलाओं को विशेष संदेश भी दिया और कहा कि वह चाहती हैं कि देश की महिलाएं उनके साथ खड़ी हों। के कविता ने कहा, “मुझे विश्वास है कि पूरे देश, और खासकर महिलाओं का समर्थन हमें मिलेगा। तेलंगाना के लोग मुझे और हमारी नई पार्टी को आशीर्वाद देंगे।
केंद्र सरकार पर निशाना
दिल्ली शराब घोटाले को लेकर के कविता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया और इसे राजनीतिक ‘विच हंट’ बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी को सिर्फ इसलिए टारगेट किया गया क्योंकि वे अलग राजनीतिक विचारधारा और नीतियों के साथ सक्रिय हैं। के कविता ने कहा, “पूरा देश और जनता देख रही है कि किस तरह हमारे खिलाफ एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया। न्यायपालिका ने इस जाल को देखा और हमें बरी कर दिया। यह इस देश में लोकतंत्र की ताकत और न्यायपालिका की निष्पक्षता का प्रतीक है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, के कविता का यह कदम तेलंगाना की राजनीति में नई दिशा दे सकता है। उनके पास राज्य में जनप्रियता है और वह विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के बीच काफी प्रभावशाली मानी जाती हैं।













