अंबेडकरनगर जिले में तेंदुए के हमले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना में तेंदुए ने एक युवक पर अचानक हमला कर दिया, जिससे युवक की नाक बुरी तरह जख्मी हो गई और कथित तौर पर उसकी नाक कट गई। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, युवक किसी काम से गांव के पास मौजूद था, तभी अचानक झाड़ियों की ओर से तेंदुआ निकल आया और उस पर झपट पड़ा। तेंदुए के अचानक हमले से युवक संभल भी नहीं पाया और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसी दौरान तेंदुए ने उसके चेहरे पर हमला कर दिया, जिससे उसकी नाक गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने जब युवक की हालत देखी तो तुरंत शोर मचाया और आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ हमले के बाद लगातार गुर्राता रहा और काफी आक्रामक दिखाई दे रहा था। युवक की चीख-पुकार सुनकर करीब 15 से ज्यादा लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह साहस जुटाकर तेंदुए को चारों ओर से घेर लिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और अन्य साधनों की मदद से तेंदुए को खदेड़ने और काबू में करने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि काफी देर तक तेंदुआ गुर्राता रहा और लोगों पर झपटने की कोशिश करता रहा। हालांकि ग्रामीणों की संख्या ज्यादा होने के कारण वह पूरी तरह से लोगों पर हावी नहीं हो सका। इसी दौरान ग्रामीणों ने तेंदुए को पीटना शुरू किया, जिसके बाद कुछ समय में तेंदुआ कमजोर पड़ गया और आखिरकार बेहोश हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक युवक के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उसकी नाक को काफी नुकसान पहुंचा है। उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका जंगल और खेतों से सटा हुआ है, जिस कारण जंगली जानवरों के गांव की ओर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। तेंदुए के गांव में घुस आने से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अकेले जंगल या झाड़ियों के पास न जाएं।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोग वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और तेंदुए की मूवमेंट पर नजर रखने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से काबू में लेने और उसे जंगल क्षेत्र में वापस छोड़ने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, इलाके में पिंजरे लगाने और वन विभाग की टीम की तैनाती बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।
यह घटना न केवल युवक के लिए दर्दनाक साबित हुई है, बल्कि पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल बना दिया है। तेंदुए के हमले और उसके बाद ग्रामीणों द्वारा घेरकर काबू में करने की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।










