बहराइच का एक प्रसिद्ध रियल एस्टेट कारोबारी — अब्दुल रहमान खान उर्फ मोईन खान - अचानक से जमा की गई करोड़ों रुपये की संपत्ति और उसकी कंपनियों की संदिग्ध गतिविधियों के कारण सुर्खियों में आया है। बुधवार को आयकर विभाग (IT) की टीम ने बहराइच के साथ-साथ आगरा, मथुरा व बरेली में उसके और उसके सहयोगियों के कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की।
कृत्रिम कंपनियों और फर्जी फर्मों (बोगस फर्मों) के ज़रिये हवाला व अन्य संदिग्ध लेन-देन के सुराग मिले।
मकान, प्लॉट, लग्जरी कारों सहित नकदी और कई दस्तावेज बरामद किए गए।
मोहल्ला, प्लास्टिक मोल्डिंग कंपनी, रियल एस्टेट फर्मों — हर जगह से खंगाल मची।
मूल रूप से मोईन खान पर पांच–छह साल के अंदर सामान्य से कहीं ज़्यादा संपत्ति जमा करने का संदेह था। उसके नाम पर पंजीकृत कंपनियाँ — जिनमें रियल एस्टेट के अलावा मोल्डिंग व अन्य फर्में शामिल थीं — एक तरह से हवाला और कालाधन को सफेद करने का जरिया मानी जा रही थीं।
स्थानीय जांच में पाया गया कि ये फर्में दिखावे के लिए बनाई गई थीं; असलियत में उनका कारोबार या पारदर्शी कारोबार नहीं था।
आयकर विभाग मामले की तह तक जाने की तैयारी में है। मकानों, प्लॉट, कंपनियों व फर्मों के दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन, कंपनियों की कानूनी पंजीकरण, लेन-देन की पैसे की प्रवाह आदि का विश्लेषण शुरू हो गया है।
प्रदेश व केंद्र सरकार से भी इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है - ताकि रियल एस्टेट व हवाला-धन के मद्देनज़र धनशोधन व काले धन की कमाई को रोका जा सके।












