बाजार में हलचल! शुरुआती कमजोरी के बाद बढ़त, Sensex 100 अंक चढ़ा

बाजार में हलचल! शुरुआती कमजोरी के बाद बढ़त, Sensex 100 अंक चढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कमजोरी के बाद तेजी देखी गई। Sensex 100 अंक चढ़कर 85,167 पर पहुंचा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद DIIs ने खरीदारी कर बाजार को समर्थन दिया। रुपया 90.41 प्रति डॉलर पर कमजोर रहा।

Stock Market: गुरुवार, 4 दिसंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार एशियाई संकेतों के बीच कमजोर शुरुआत के साथ खुले। सुबह बीएसई का Sensex 84,987 अंक पर गिरावट के साथ खुला, जबकि Nifty-50 25,981 पर ओपन हुआ। ओपनिंग के कुछ ही मिनटों में बाजार ने रफ्तार पकड़ ली और दोनों प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में आ गए। ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला और शुरुआती गिरावट धीरे-धीरे रिकवर होती गई। 

सुबह 9:41 बजे Sensex 60.28 अंक या 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85,167.09 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह Nifty-50 भी 27.60 अंक या 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 26,013 पर ट्रेड कर रहा था। 26,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार करना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधि

विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली लगातार जारी है। बुधवार को एफआईआई ने 3,207 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। पिछले पांच सत्रों में एफआईआई ने कुल 13,071.4 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) लगातार खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को 4,730.4 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। DIIs की यह खरीदारी एफआईआई की बिकवाली के दबाव को संतुलित करने में मदद कर रही है और बाजार को सपोर्ट दे रही है।

रुपया नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर

गुरुवार को रुपया 22 पैसे कमजोर होकर 90.41 प्रति डॉलर पर खुला। बुधवार को रुपया पहली बार 90 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे पहुंच गया था। रुपये में गिरावट के पीछे कई कारण हैं, जिनमें लगातार पूंजी निकासी, अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर अनिश्चितता, डॉलर की बढ़ती मांग और RBI का सीमित हस्तक्षेप शामिल हैं। इस साल डॉलर के मुकाबले रुपया 5 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है और यह एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है। रुपये को 80 से 90 प्रति डॉलर तक पहुंचने में केवल 773 ट्रेडिंग सत्र लगे।

एशियाई बाजारों का मिलाजुला रुख

एशियाई बाजारों में गुरुवार को मिश्रित रुझान देखने को मिला। जापान का Nikkei 225 0.3 प्रतिशत बढ़ा जबकि TOPIX Index 0.33 प्रतिशत मजबूत रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.45 प्रतिशत गिरा, लेकिन KOSDAQ में 0.12 प्रतिशत की तेजी रही। वॉल स्ट्रीट में रोजगार आंकड़ों में सुधार के कारण अमेरिकी बाजारों में बढ़त ने एशियाई बाजारों में समर्थन दिया। निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक पर भी बनी हुई है।

अमेरिकी बाजारों में बढ़त

अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को बढ़त दर्ज हुई। Payroll प्रोसेसर ADP के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में निजी कंपनियों ने 32,000 कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि अक्टूबर में यह संख्या 47,000 थी। यह अनुमानित 40,000 से कम थी और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना गया। प्रमुख इंडेक्स की स्थिति में डॉव जोन्स 0.86 प्रतिशत, S&P 500 0.30 प्रतिशत और Nasdaq Composite 0.17 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुए। निवेशक अब उम्मीद कर रहे हैं कि फेडरल रिजर्व की 9–10 दिसंबर की बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है।

बाजार की स्थिति पर नजर

भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद तेजी ने दिखाया कि निवेशक अवसर का फायदा उठाने के लिए सक्रिय हैं। ऑटो, आईटी, मेटल और बैंकिंग सेक्टर के स्टॉक्स में खरीदारी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये में कमजोरी के बावजूद घरेलू निवेशकों का सपोर्ट बाजार की दिशा को स्थिर बनाए रखने में मदद कर रहा है। निवेशकों को आज के सत्र में इंडेक्स की चाल और प्रमुख स्टॉक्स की प्रदर्शन पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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