बांग्लादेश की राजनीति में आया भूचाल: अदालत ने शेख हसीना को 5 गंभीर मामलों में सुनाई मौत की सजा

बांग्लादेश की राजनीति में आया भूचाल: अदालत ने शेख हसीना को 5 गंभीर मामलों में सुनाई मौत की सजा

तख्तापलट के बाद बांग्लादेश फिर से सुर्खियों में है। 5 अगस्त 2024 को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना देश छोड़कर भारत आ गई थीं। उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगे थे, जिन पर सुनवाई चल रही थी। अब बांग्लादेश की अदालत ने शेख हसीना को सभी मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है।

ढाका: बांग्लादेश की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 5 गंभीर मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा पिछले साल हुई हिंसा और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के बाद आया। अदालत ने 23 अक्टूबर 2025 को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रखा था।

पूर्व पीएम शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को देश छोड़कर भारत आ गई थीं। उनके खिलाफ लंबित मामलों में छात्रों और नागरिकों के खिलाफ हिंसा, हत्याएं और विपक्षी नेताओं को जबरन गायब करवाने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।

शेख हसीना पर लगे पांच प्रमुख आरोप

  1. विपक्षी नेताओं का अपहरण और गायब कर देना: शेख हसीना पर आरोप है कि उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को जबरन गायब करवाने का आदेश दिया, जिससे राजनीतिक विरोध दबाने की कोशिश हुई।
  2. हिंसा के दौरान हत्याओं में शामिल होना: 12 मई 2025 को कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट में दावा किया गया कि शेख हसीना ने हिंसा के दौरान हत्याओं के आदेश दिए। इसके परिणामस्वरूप महिलाओं और बच्चों समेत लगभग 1,400 लोगों की हत्या और 25,000 से अधिक लोग घायल हुए।
  3. बेगम रोकैया विश्वविद्यालय के छात्र की हत्या: शेख हसीना, अभियुक्त असदुज्जमां खान कमाल और चौधरी अब्दुल्ला अल पर बिना किसी उकसावे के छात्र अबू सईद की हत्या करवाने का आरोप है।
  4. ढाका के चंखर पुल में हत्या: पूर्व पीएम पर आरोप है कि उन्होंने ढाका के चंखर पुल पर 6 लोगों की हत्या करवाने में संलिप्तता दिखाई।
  5. अशुलिया में शिकारों की हत्या और शव जलाना: मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम के अनुसार, शेख हसीना के आदेश पर अशुलिया में 5 लोगों की गोली मारकर हत्या की गई, उनके शव जलाए गए और एक व्यक्ति को जिंदा ही आग में फेंक दिया गया।

बांग्लादेश में हिंसा और कर्फ्यू

शेख हसीना पर सजा सुनाए जाने के बाद ढाका और अन्य क्षेत्रों में हिंसा भड़क गई। राजधानी में कई जगहों पर कॉकटेल ब्लास्ट और आगजनी की घटनाएं हुईं। आवामी लीग समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और पूरे बांग्लादेश में बंद का आह्वान किया गया। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) ने हाई अलर्ट जारी कर हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जाद अली ने कहा कि हिंसा करने वालों को देखते ही तात्कालिक कार्रवाई की जाएगी।

  • सेंट्रल रोड: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवहन मंत्री की सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन के घर के सामने दो कॉकटेल धमाके।
  • बांग्ला मोटर क्षेत्र: रात 9:30 बजे कॉकटेल विस्फोट।
  • तितुमिर कॉलेज और अमताली चौराहा: दो कॉकटेल विस्फोट, साथ ही एक बस में आग लगाई गई।

बांग्लादेश की राजनीति और कानून व्यवस्था इस फैसले के बाद पूरी तरह बदल गई है। शेख हसीना पर लगाए गए आरोपों और मौत की सजा ने देश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को और बढ़ा दिया है।

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