एमपी एमएलए कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड रखने के आरोप में दोषी करार देते हुए सात साल की जेल की सजा सुनाई। दोनों 55 दिन पहले जेल से रिहा हुए थे।
New Delhi: मध्य प्रदेश की एमपी एमएलए कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड रखने के मामले में सात साल की सजा सुनाई है। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने एक से अधिक पैन कार्ड का इस्तेमाल किया और दोनों कार्ड में उनकी उम्र अलग दर्ज थी। कोर्ट ने इस मामले में दोनों को दोषी ठहराया।
जेल से रिहाई के 55 दिन बाद फिर से सजा
आजम खान इसी साल 23 सितंबर को जेल से रिहा हुए थे। इसके ठीक 55 दिन बाद उन्हें और उनके बेटे को अदालत ने सात साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों फिर जेल जाएंगे। इस मामले में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने 2019 में मुकदमा दर्ज कराया था।
आकाश सक्सेना का बयान

कोर्ट का फैसला आने के बाद मुकदमा दर्ज कराने वाले आकाश सक्सेना ने कहा कि न्याय हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा कोर्ट के फैसले का सम्मान किया है और इस बार भी उन्हें फैसले से संतोष है।
आजम खान के पहले के मुकदमे
आजम खान अक्टूबर 2023 में जेल गए थे। उनके ऊपर कई मुकदमे पहले से दर्ज थे। जेल में रहते हुए उनके कई मामलों में फैसले आए। सितंबर 2025 में उन्हें सभी मामलों में जमानत मिल गई थी और 23 सितंबर को वह जेल से रिहा हुए थे। इस बार के पैन कार्ड मामले में उनके साथ अब्दुल्ला आजम को भी सजा सुनाई गई है।
आजम खान यूपी में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक माने जाते थे। मुलायम सिंह यादव की सरकार में उनका राजनीतिक प्रभाव बहुत बड़ा था। लेकिन यूपी में बीजेपी की सरकार आने के बाद उनके कई मुकदमों के कारण उनका राजनीतिक दबदबा कम हो गया और वह जेल भी गए।
एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के अनुसार, आजम खान और उनके बेटे को जल्द ही जेल में रखा जाएगा। दोनों पर लगे आरोपों के तहत उन्हें सात साल की सजा भुगतनी होगी।













