भारत ने अफगान सीमा पर बढ़ती घटनाओं के लिए पाकिस्तान के आरोपों को निराधार बताया। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को प्रायोजित करता रहा है और उसकी विश्वसनीयता शून्य है।
World News: भारत ने अफगानिस्तान के साथ सीमा पर बढ़ती झड़पों के लिए पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान दशकों से सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश रहा है और उसकी विश्वसनीयता शून्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने कुकर्मों के लिए भारत को दोषी ठहराने की आदत डाल चुका है और कोई भी कहानी इस वास्तविकता को नहीं बदल सकती।
पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कथित पीड़ित होने के दावे केवल बहाने हैं और कोई भी देश इससे मूर्ख नहीं बन सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य प्रायोजित आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान का इतिहास उसकी विश्वसनीयता को पूरी तरह प्रभावित करता है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के बयान अफगानिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ाने के उद्देश्य से हैं।
डूरंड रेखा पर हाल की घटनाएं
फरवरी में डूरंड रेखा पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हवाई हमलों की खबरें सामने आईं। दोनों देशों की साझा सीमा पर झड़पें बढ़ गईं, और पाकिस्तान ने काबुल सहित अन्य अफगान शहरों पर हवाई हमले किए। 27 फरवरी को पाकिस्तान ने खुले तौर पर हवाई हमले की घोषणा की और कहा कि उसका सब्र खत्म हो चुका है।

पाकिस्तान ने तालिबान पर वैश्विक आतंकवादियों को पनाह देने और उग्रवाद फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, अफगान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि 26 फरवरी को डूरंड लाइन पर जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
तालिबान और टीटीपी पर पाकिस्तान का दबाव
पाकिस्तान अफगानिस्तान पर दबाव डाल रहा है कि वह पाकिस्तान तालिबान (TTP) जैसे सशस्त्र समूहों पर नियंत्रण करे। टीटीपी का उदय 2007 में पाकिस्तान में हुआ था और यह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन इसके तालिबान के साथ गहरे वैचारिक, सामाजिक और भाषाई संबंध हैं। हाल के वर्षों में टीटीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा पाकिस्तान में हमलों में तेजी आई है। BLA बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय है और राज्य के संपन्न हिस्सों में अस्थिरता पैदा कर रहा है।
पाकिस्तान-आफगान सीमा पर स्थिति
अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान इलाके पाकिस्तान में हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। ये क्षेत्र TTP और BLA जैसी सशस्त्र समूहों की गतिविधियों का केंद्र बने हुए हैं। पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां इन समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही हैं, जबकि भारत ने बार-बार सीमा पार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है।
भारत का रुख
भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के बयान केवल ध्यान भटकाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश हैं। भारत का रुख सख्त है कि पाकिस्तान को अपने कुकर्मों के लिए दूसरों को दोषी ठहराने की आदत छोड़नी होगी। भारत ने कहा कि आतंकवाद की वास्तविकता पाकिस्तान के इतिहास से जुड़ी है और इसे कोई बदल नहीं सकता।











