मर्चेंट जहाजों पर ईरानी हमलों के बाद तेल की कीमतों में उछाल, 200 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की चेतावनी

मर्चेंट जहाजों पर ईरानी हमलों के बाद तेल की कीमतों में उछाल, 200 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की चेतावनी

ईरान ने खाड़ी में मर्चेंट जहाजों पर हमले के बाद चेताया कि तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। अमेरिका-ईरान संघर्ष और सुरक्षा जोखिम से वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापार प्रभावित हो सकते हैं।

Middle East: ईरान ने हाल ही में दुनिया को चेतावनी दी है कि Crude Oil Price 200 Dollars per Barrel तक पहुंच सकती है। ईरानी फौज द्वारा खाड़ी में मर्चेंट जहाजों पर किए गए हमलों के बाद यह चेतावनी आई। ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाकारी ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने वालों को तेल की बढ़ती कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो क्षेत्र के आर्थिक और व्यापारिक केंद्र भी ईरानी टारगेट में होंगे।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष

अमेरिका और इज़राइल द्वारा संयुक्त हवाई हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष को लगभग दो हफ्ते हो चुके हैं। अब तक इस युद्ध में लगभग 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर ईरानी और लेबनानी नागरिक शामिल हैं। युद्ध अब लेबनान तक फैल चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर असर पड़ा है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन भी इस स्थिति से पूरी तरह प्रभावित हुए हैं।

ईरान का खाड़ी में मर्चेंट जहाजों पर हमला

ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि उन्होंने खाड़ी में उन मर्चेंट जहाजों पर हमला किया जो उनके आदेशों का पालन नहीं कर रहे थे। बुधवार को तीन जहाजों को निशाना बनाया गया। इनमें एक थाई झंडे वाला बल्क कैरियर भी शामिल था, जो आग की लपटों में घिर गया। जहाज के क्रू को बचा लिया गया, लेकिन तीन लोग इंजन रूम में फंसे हुए बताए जा रहे हैं। इसके अलावा एक जापानी कंटेनर जहाज और मार्शल आइलैंड्स का बल्क कैरियर भी प्रोजेक्टाइल से क्षतिग्रस्त हुआ। युद्ध शुरू होने के बाद अब तक कुल 14 मर्चेंट जहाजों पर हमले हो चुके हैं।

वैश्विक तेल बाजार पर असर

इन घटनाओं के चलते Crude Oil Price में तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। तेल की आपूर्ति में रुकावट और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की चिंता के कारण निवेशक और व्यापारिक समूह इस पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है, तो तेल की कीमतें केवल 200 डॉलर प्रति बैरल तक ही नहीं, बल्कि इससे भी ऊपर जा सकती हैं।

अमेरिका और ईरान की सैन्य तैयारी

अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरानी हमलों को युद्ध के बाद सबसे तीव्र हवाई कार्रवाई बताया। इसके बावजूद ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में जवाबी हमले जारी रखे। इस बीच अमेरिकी पेंटागन ने खाड़ी में अमेरिकी और मित्र देशों के जहाजों की सुरक्षा बढ़ा दी है। दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

व्यापारिक केंद्रों पर खतरा

ईरानी प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर बंदरगाह और व्यापारिक केंद्रों पर हमला किया गया, तो तेल और गैस की आपूर्ति पूरी दुनिया में प्रभावित हो सकती है। खाड़ी क्षेत्र में व्यापार और लॉजिस्टिक्स पूरी तरह बाधित हो सकते हैं। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और व्यापारियों में भय पैदा कर दिया है।

मर्चेंट जहाजों की सुरक्षा

युद्ध के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई देशों ने मर्चेंट जहाजों के लिए आपात सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। जहाजों को रूट बदलने और सुरक्षा जहाजों की तैनाती की सलाह दी गई है। हालांकि, ईरानी हमलों के कारण अभी भी कई जहाज जोखिम में हैं। क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तेल की सप्लाई को बनाए रखना इस समय सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

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