चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि सैन्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असीमित उपयोग गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। चीन का कहना है कि नियंत्रित हथियार मनुष्यों के खिलाफ युद्ध छेड़ सकते हैं।
World News: चीन ने अमेरिका को सेना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। चीन का कहना है कि यदि AI का बिना किसी रोक-टोक के सैन्य उपयोग किया गया, तो दुनिया 'टर्मिनेटर' जैसी भयावह स्थिति में पहुंच सकती है। चीन के अनुसार, यह केवल काल्पनिक फिल्म की कहानी नहीं बल्कि वास्तविक खतरा बन सकता है, जहां AI नियंत्रित हथियार मनुष्यों के खिलाफ युद्ध छेड़ सकते हैं।
अमेरिकी नीति और पेंटागन का कदम
अमेरिकी प्रशासन AI स्टार्टअप्स के सैन्य इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के समय पेंटागन ने एलन मस्क के AI सिस्टम ग्रोक को गुप्त सैन्य प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल की मंजूरी दी है। यह कदम अमेरिकी रक्षा विभाग की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें तकनीक को युद्ध के लिए तेजी से अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
एंथ्रोपिक और पेंटागन का विवाद

दूसरी ओर, AI कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने 'क्लॉड' मॉडल को बड़े पैमाने पर निगरानी या पूरी तरह स्वचालित हथियारों में इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया। इस फैसले से पेंटागन नाराज हो गया और एंथ्रोपिक को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने एंथ्रोपिक को 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सप्लाई-चेन जोखिम' घोषित किया और सैन्य ठेकेदारों तथा साझेदार कंपनियों को उसके साथ व्यावसायिक काम करने से रोक दिया।
चीन की चिंता: युद्ध और नैतिकता
चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग बिन ने कहा कि अगर सेना में AI को जीवन-मृत्यु के फैसले लेने की ताकत दी गई, तो युद्ध के नैतिक नियम कमजोर होंगे और तकनीक नियंत्रण से बाहर जा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा हो सकता है कि फिल्म 'टर्मिनेटर' में दिखाई गई डरावनी दुनिया वास्तविक हो जाए। 1984 में रिलीज हुई इस फिल्म में अर्नोल्ड श्वार्जनेगर ने ऐसे रोबोट्स की भूमिका निभाई थी, जो मानवों के खिलाफ युद्ध छेड़ देते हैं।
पेंटागन को तकनीकी बदलाव का समय
एंथ्रोपिक के विरोध के बाद पेंटागन को अपनी प्रणाली बदलने के लिए छह महीने की अवधि दी गई है। इसके दौरान पेंटागन को यह सुनिश्चित करना होगा कि AI तकनीक का सैन्य इस्तेमाल सुरक्षित, नियंत्रित और नैतिक सीमाओं के भीतर हो। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद वैश्विक स्तर पर AI हथियारों के उपयोग पर व्यापक चर्चा को जन्म देगा।










