छत्तीसगढ़ के रायपुर में बीजेपी नेता गोपाल सामंतों ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज कराई। आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। सामंतों ने कहा कि सांसद होने के नाते जिम्मेदाराना व्यवहार की उम्मीद थी, लेकिन यह बयान गैर-जिम्मेदाराना और शर्मनाक है।
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ के रायपुर में बीजेपी नेता गोपाल सामंतों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज कराई। यह कार्रवाई महुआ मोइत्रा द्वारा गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित बयान देने के कारण की गई है। सामंतों ने कहा कि महुआ उनकी ही समुदाय से आती हैं और सांसद होने के नाते उन्हें जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए था। FIR दर्ज करने का उद्देश्य समाज और संसद में अनुशासन बनाए रखना बताया गया।
महुआ मोइत्रा के बयान पर FIR दर्ज
छत्तीसगढ़ के रायपुर में बीजेपी नेता गोपाल सामंतों ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR का आधार महुआ मोइत्रा द्वारा गृह मंत्री अमित शाह पर दिया गया विवादित बयान है। सामंतों का कहना है कि यह बयान सिर्फ अमित शाह पर हमला नहीं था, बल्कि बंगाली समुदाय की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने इसे समाज और संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया।
सामंतों ने स्पष्ट किया कि FIR का उद्देश्य राजनीतिक नहीं है, बल्कि समाज और संसद में मर्यादा बनाए रखना है। उनके मुताबिक ऐसे लोग जो समाज में नफरत और गलत संदेश फैलाते हैं, उन्हें संसद और समाज में जगह नहीं मिलनी चाहिए।
FIR के बाद राजनीतिक गलियारों में बीजेपी-TMC बयानबाजी का उबाल
महुआ मोइत्रा के बयान और FIR के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेता इसे मर्यादा और सम्मान की रक्षा का कदम बता रहे हैं, वहीं TMC समर्थक इसे राजनीतिक साजिश करार दे सकते हैं। इस विवाद ने दोनों पार्टियों के बीच बयानबाजी और मीडिया कवरेज को बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि FIR के बाद राजनीतिक चर्चा और सोशल मीडिया पर बहस तेज होगी। यह मामला राज्य की राजनीति में एक नई हलचल और विवाद की स्थिति पैदा कर सकता है।
समाज और संसदीय मर्यादा पर सामंतों का जोर
गोपाल सामंतों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक बयान का मामला नहीं है, बल्कि नफरत और गलत संदेश फैलाने का मुद्दा है। सामंतों ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को समाज से बहिष्कृत किया जाना चाहिए, जो समाज में जहर घोलने की कोशिश करते हैं।
समाज और संसदीय मर्यादा बनाए रखने के इस कदम को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक निगरानी जारी रहेगी। आगे FIR की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक कार्रवाई पर भी ध्यान रखा जाएगा।