हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (HMRL) ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और अनूठी पहल की है। कंपनी ने 20 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मेट्रो सुरक्षा कर्मियों के रूप में नियुक्त किया है।
नई दिल्ली: हैदराबाद मेट्रो ने एक सराहनीय पहल करते हुए 20 ट्रांसजेंडर्स को नौकरी पर नियुक्त किया है। सभी को सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात किया गया है, जिसके लिए हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (HMRL) की जमकर प्रशंसा हो रही है। HMRL द्वारा इन सभी ट्रांसजेंडर्स को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया गया, और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें सोमवार से ड्यूटी पर नियुक्त कर दिया गया है।
इन्हें कुछ मेट्रो स्टेशनों के साथ-साथ मेट्रो ट्रेनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कदम से न केवल समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महिला सुरक्षा में भी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सुरक्षा की जिम्मेदारी में ट्रांसजेंडर
नई नियुक्ति प्राप्त ट्रांसजेंडर सुरक्षाकर्मियों को मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच, यात्रियों की सहायता और ट्रेनों की सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हैदराबाद मेट्रो में यह पहला मौका है जब ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को सुरक्षा से जुड़े कार्य सौंपे गए हैं। इस पहल को सामाजिक न्याय और समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
HMRL ने नियुक्ति से पहले सभी 20 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया। प्रशिक्षण में सुरक्षा प्रक्रियाओं, आपातकालीन प्रबंधन, यात्रियों की मदद और तकनीकी संचालन के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सोमवार से उन्हें मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया।

रोजाना पांच लाख लोग करते हैं यात्रा
हैदराबाद मेट्रो रेल को देश की सबसे आधुनिक शहरी ट्रांसिट सिस्टम में गिना जाता है। शहर में तीन मेट्रो कॉरिडोर और 57 स्टेशन हैं, जहां हर दिन लगभग 5 लाख लोग यात्रा करते हैं। इनमें लगभग 30 प्रतिशत यात्री महिलाएं हैं। महिलाओं की सुरक्षा और यात्रियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ही HMRL ने यह फैसला लिया।
HMRL के निदेशक सरफराज अहमद ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति नहीं है, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, “हमें गर्व है कि हैदराबाद मेट्रो परिवार में ट्रांसजेंडर समुदाय का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। यह पहल न केवल समुदाय के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी, बल्कि तेलंगाना सरकार के समावेशी समाज के विजन को भी मजबूती देगी।”
तेलंगाना सरकार का योगदान, यात्रियों और महिलाओं के लिए लाभ
इस पहल में तेलंगाना सरकार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सरकार ने न केवल इस पहल को समर्थन दिया, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण और समान अवसरों की दिशा में नीति निर्माण में मदद भी की। इस पहल से राज्य में समावेशी विकास की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ा है।
- महिलाओं की सुरक्षा: नई नियुक्ति के साथ मेट्रो स्टेशनों पर महिलाओं के लिए सुरक्षा का स्तर बढ़ा है।
- सामाजिक स्वीकृति: ट्रांसजेंडर समुदाय को समान अधिकार और सम्मान मिलेगा।
- आत्मविश्वास में वृद्धि: ट्रांसजेंडर सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति यात्रियों में विश्वास बढ़ाएगी।
हैदराबाद मेट्रो की यह पहल केवल स्थानीय महत्व की नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर समानता और समावेशी दृष्टिकोण की मिसाल भी प्रस्तुत करती है। कई विकसित देशों में ट्रांसजेंडर समुदाय को रोजगार और सामाजिक अधिकार दिए जाते हैं, लेकिन भारत में इस तरह की पहल एक नया सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश देती है।











