कुशीनगर: दिव्यांग बेटी को मिली ट्राई साइकिल, आयुष्मान व राशन कार्ड की प्रक्रिया शुरू

कुशीनगर: दिव्यांग बेटी को मिली ट्राई साइकिल, आयुष्मान व राशन कार्ड की प्रक्रिया शुरू

कुशीनगर जिले में प्रशासन की संवेदनशील पहल के चलते एक दिव्यांग बेटी को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई गई, जिससे उसके जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। लंबे समय से चलने-फिरने में कठिनाई झेल रही बच्ची के लिए यह ट्राई साइकिल किसी राहत से कम नहीं है। इसके साथ ही प्रशासन ने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड और राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, दिव्यांग बच्ची बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। परिवार के पास न तो स्थायी आय का कोई मजबूत साधन है और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पा रहा था। बच्ची की दिव्यांगता के कारण उसका घर से बाहर निकलना, स्कूल जाना या इलाज के लिए अस्पताल पहुंचना काफी मुश्किल हो गया था। परिजनों ने कई बार स्थानीय स्तर पर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा।

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संबंधित विभागों को निर्देश दिए। जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बच्ची वास्तव में दिव्यांग है और ट्राई साइकिल की उसे तत्काल जरूरत है। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को ट्राई साइकिल सौंपी गई। ट्राई साइकिल मिलने के बाद बच्ची अब बिना किसी सहारे के खुद चल-फिर सकेगी और अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहेगी।

ट्राई साइकिल मिलने के समय मौजूद अधिकारियों ने बच्ची और उसके परिजनों से बातचीत भी की। इस दौरान सामने आया कि परिवार के पास आयुष्मान कार्ड नहीं होने के कारण इलाज में भी दिक्कतें आ रही थीं। इसे देखते हुए प्रशासन ने तुरंत आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करवाई, ताकि भविष्य में बच्ची को गंभीर बीमारी या इलाज की स्थिति में मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

इसके अलावा परिवार के पास राशन कार्ड भी नहीं था, जिस वजह से उन्हें सरकारी सस्ते राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही परिवार को राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिससे उन्हें नियमित रूप से अनाज और अन्य जरूरी सामग्री मिल सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस पहल से जरूरतमंद परिवार को बड़ी राहत मिली है। लोगों ने बताया कि दिव्यांग बच्ची की हालत देखकर गांव के लोग भी परेशान थे, लेकिन संसाधनों के अभाव में कोई ठोस मदद नहीं हो पा रही थी। अब ट्राई साइकिल मिलने से बच्ची की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सरकार की मंशा है कि दिव्यांग, गरीब और जरूरतमंद लोगों को सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। यदि किसी परिवार को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो ऐसे मामलों में प्रशासन खुद पहल कर सहायता प्रदान करेगा।

यह मामला न सिर्फ प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समय पर की गई सरकारी मदद किसी जरूरतमंद के जीवन को नई दिशा दे सकती है। ट्राई साइकिल के साथ-साथ आयुष्मान और राशन कार्ड की प्रक्रिया शुरू होने से इस दिव्यांग बेटी और उसके परिवार को अब भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है।

Leave a comment