लखनऊ में मतदाता सूची के SIR Form भरने की प्रक्रिया अंतिम दिन में पहुंच गई है। करीब 40 लाख वोटरों में से 70 प्रतिशत का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष मतदाताओं को जोड़ने के लिए प्रशासन सक्रिय है।
UP News: लखनऊ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR Form भरने की प्रक्रिया आज अंतिम दिन में प्रवेश कर चुकी है। शहर के अलग अलग इलाकों में इसे लेकर जबरदस्त गतिविधि देखने को मिल रही है। प्रशासन की ओर से जगह जगह camp लगाए गए हैं, जहां Booth Level Officer यानी BLO मतदाताओं की जानकारी जुटाने और फॉर्म भरवाने में जुटे हुए हैं। उद्देश्य साफ है कि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, अपडेट और त्रुटिरहित हो।
करीब 40 लाख वोटरों में 70 प्रतिशत ने पूरा किया सत्यापन
लखनऊ में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 40 लाख बताई जा रही है। इनमें से अब तक लगभग 28 लाख मतदाताओं ने SIR Form भर दिए हैं। यानी कुल मिलाकर करीब 70 प्रतिशत वोटरों का सत्यापन पूरा हो चुका है। हालांकि अभी भी करीब 30 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं, जिनका फॉर्म या तो अधूरा है या अब तक भरा ही नहीं गया है। इसी वजह से अंतिम दिन प्रशासन और चुनाव आयोग की टीम पूरी ताकत से मैदान में उतरी हुई है।
इको गार्डन बना गतिविधियों का केंद्र
लखनऊ के इको गार्डन में कैंट विधानसभा क्षेत्र के BLO बड़ी संख्या में एकत्र हुए हैं। यहां से पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही है। कोई BLO फोन के जरिए वोटर से संपर्क कर रहा है, तो कोई mapping और data verification में जुटा है। कई अधिकारी देर रात तक काम करने की तैयारी में हैं ताकि एक भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए।
9 विधानसभा सीटों में अलग अलग स्थिति
लखनऊ में कुल 9 विधानसभा सीटें हैं और हर सीट पर SIR Form भरने की स्थिति अलग अलग है। कुछ क्षेत्रों में लोगों ने समय पर सहयोग किया, तो कुछ इलाकों में अब भी चुनौतियां बनी हुई हैं। खासतौर पर लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर स्थिति सबसे कमजोर नजर आ रही है।
लखनऊ कैंट में सबसे कम प्रतिशत क्यों
लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर अब तक सिर्फ 61 प्रतिशत मतदाताओं ने ही SIR Form भरे हैं, जो पूरे शहर में सबसे कम है। BLO के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह frequent transfer है। कैंट इलाके में सेना और सरकारी सेवाओं से जुड़े लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जिनका बार बार तबादला होता रहता है। इसके अलावा कई वोटर अपने दर्ज पते पर मिले ही नहीं। कुछ मामलों में मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और कई जगह duplicate वोट भी सामने आए हैं।
किन क्षेत्रों में रहा बेहतर रिस्पॉन्स
अगर बेहतर प्रदर्शन की बात करें तो मलिहाबाद और मोहनलालगंज विधानसभा सीट सबसे आगे हैं। इन दोनों सीटों पर अब तक 83-83 प्रतिशत SIR Form भर दिए गए हैं। यह दिखाता है कि ग्रामीण और अर्ध ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने इस अभियान को गंभीरता से लिया और समय पर प्रक्रिया पूरी की।
बाक़ी सीटों का पूरा आंकड़ा
- बक्शी का तालाब विधानसभा सीट पर 78 प्रतिशत मतदाताओं ने SIR Form भरे हैं।
- लखनऊ पश्चिम विधानसभा सीट पर यह आंकड़ा 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
- सरोजनीनगर विधानसभा सीट पर 69 प्रतिशत फॉर्म पूरे किए गए हैं।
- लखनऊ मध्य में 65 प्रतिशत वोटरों का सत्यापन हुआ है।
- लखनऊ पूर्वी में 63 प्रतिशत मतदाताओं ने फॉर्म भरे हैं।
- लखनऊ उत्तरी विधानसभा सीट पर 62 प्रतिशत फॉर्म पूरे हुए हैं।
- और लखनऊ कैंट में अब तक सबसे कम 61 प्रतिशत फॉर्म ही भरे जा सके हैं।
क्यों जरूरी है SIR Form
SIR यानी Special Intensive Revision का मकसद मतदाता सूची को पूरी तरह साफ और भरोसेमंद बनाना है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि सूची में सिर्फ पात्र मतदाताओं का ही नाम रहे। जो लोग शिफ्ट हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम डुप्लीकेट हैं, उन्हें हटाया जाए। इससे आने वाले चुनावों में किसी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम हो जाती है।
अधिकारियों ने क्यों बढ़ाया दबाव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि किसी भी हालत में योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए और अपात्र मतदाता का नाम शामिल नहीं रहना चाहिए। इसी वजह से अधिकारियों पर अंतिम दिन ज्यादा दबाव देखा जा रहा है।











