मेटा में बड़ी छंटनी की तैयारी, 1,500 कर्मचारियों को मिल सकता है बाहर का नोटिस

मेटा में बड़ी छंटनी की तैयारी, 1,500 कर्मचारियों को मिल सकता है बाहर का नोटिस

Meta अपनी नई रणनीति के तहत रियलिटी लैब्स में 1,500 कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी कर रही है। कंपनी AI और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर खर्च कम करने और फोकस बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

Meta Layoffs: दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के बीच कर्मचारियों की छंटनी का सिलसिला 2026 में भी जारी रहने का संकेत मिल रहा है। पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस और अन्य कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की थी। अब सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) भी लगभग 1,500 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। यह कदम कंपनी के बड़े रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।

मेटा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और अन्य हाई-टेक क्षेत्रों में भारी निवेश पर फोकस कर रही है। इसके चलते कंपनी अन्य सेगमेंट्स में खर्च कम करने और ऑपरेशन को और कुशल बनाने की कोशिश कर रही है।

कौन होगा प्रभावित

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह छंटनी मुख्य रूप से मेटा के रियलिटी लैब्स (Reality Labs) डिविजन में की जाएगी। इस यूनिट में करीब 15,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं, और अनुमान है कि लगभग 10 प्रतिशत वर्कफोर्स, यानी करीब 1,500 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

रियलिटी लैब्स मेटा का वह अहम विभाग है, जो ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) से जुड़े प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स पर काम करता है। इसकी शुरुआत ओकुलस (Oculus) के रूप में हुई थी। ओकुलस एक स्टार्टअप था, जिसकी स्थापना पामर लकी ने की थी और इसे क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म किकस्टार्टर से फंडिंग मिली थी। साल 2014 में फेसबुक ने ओकुलस का अधिग्रहण किया और तब से यह मेटा के VR और AR हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर का केंद्रीय हब बन गया।

कर्मचारियों में बेचैनी

छंटनी के औपचारिक ऐलान से पहले ही कंपनी के भीतर चिंता का माहौल बना हुआ है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एंड्रयू बॉसवर्थ ने रियलिटी लैब्स के सभी कर्मचारियों की एक अहम बैठक बुलाई है। इसे साल की सबसे महत्वपूर्ण बैठक बताया जा रहा है।

कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हों। यह बैठक संभावित छंटनी के ऐलान से ठीक एक दिन पहले बुलाई गई है, जिससे कर्मचारियों में अनिश्चितता और बेचैनी का माहौल है।

Meta के बड़े फैसले की पृष्ठभूमि

मेटा की छंटनी की योजना कंपनी की नई रणनीति से जुड़ी है। पिछले कुछ वर्षों में AR और VR सेक्टर में निवेश बढ़ा है, लेकिन रियलिटी लैब्स के अन्य प्रोजेक्ट्स में लागत बढ़ रही है। कंपनी अब अपने रिसोर्सेस को उन क्षेत्रों में केंद्रित करना चाहती है जहां लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिल सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मेटा के लिए जरूरी था, क्योंकि AI और डेटा सेंटर जैसी टेक्नोलॉजी में निवेश भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम है। रियलिटी लैब्स में छंटनी से कंपनी अपने खर्चों को कम कर पाएगी और मुख्य क्षेत्रों में फोकस बढ़ा सकेगी।

पिछले साल की छंटनी से सीख

पिछले साल कई बड़ी आईटी और टेक कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी की थी। Microsoft ने भी बड़ी संख्या में स्टाफ को बाहर किया था। TCS और अन्य भारतीय IT कंपनियों ने भी ऑपरेशन को कुशल बनाने के लिए इसी तरह के कदम उठाए। मेटा का यह निर्णय इसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।

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