एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सोशल साइंस किताब ‘Exploring Society: India and Beyond, Vol II’ के चैप्टर 4 ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ पर रोक लगा दी है। अनजाने में शामिल त्रुटिपूर्ण सामग्री और गलत संदर्भ के कारण शिक्षा मंत्रालय ने वितरण पर रोक के आदेश दिए। चैप्टर को संशोधित कर 2026-27 में छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
Education News: एनसीईआरटी ने नई किताब ‘Exploring Society: India and Beyond, Vol II’ के चैप्टर 4 ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ पर रोक लगा दी है। यह निर्णय अनजाने में शामिल अनुचित पाठ्य सामग्री और निर्णय संबंधी त्रुटियों के कारण लिया गया। मामला उच्चतम न्यायालय तक पहुंचा, जहां सीजेआई सूर्यकांत ने स्वतः संज्ञान लिया। शिक्षा मंत्रालय ने किताब के वितरण पर तत्काल रोक के निर्देश दिए। एनसीईआरटी ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि चैप्टर को अथॉरिटी से सलाह लेकर संशोधित किया जाएगा और शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
क्यों रोका गया यह चैप्टर
नई किताब में चैप्टर 4 में न्यायपालिका से संबंधित कुछ गलत जानकारी और संदर्भ थे, जिन्हें देखकर उच्चतम न्यायालय तक मामला पहुंच गया। खुद सीजेआई सूर्यकांत ने इसे गंभीरता से लिया और स्वतः संज्ञान में लिया।
एनसीईआरटी का कहना है कि यह पूरी तरह अनजाने में हुई गलती थी। संस्था ने भरोसा दिलाया कि किताब का उद्देश्य केवल छात्रों को संविधान और समाज की समझ देना है, किसी भी संवैधानिक संस्था की छवि को प्रभावित करना नहीं।

किताब का भविष्य और संशोधन
एनसीईआरटी ने बताया कि चैप्टर को संबंधित अथॉरिटी से सलाह लेकर दोबारा लिखा जाएगा। संशोधित संस्करण शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
संस्था ने यह भी कहा कि किताब की बिक्री पर फिलहाल रोक जारी रहेगी और आगे भी न्यायपालिका और संविधान की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।










