नेपाल सरकार ने वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री में नकद लेन-देन पर 5 लाख नेपाली रुपये की सीमा तय कर दी है। यह नया नियम 15 जनवरी 2026 से लागू होगा और इसका उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकना है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 3 लाख रुपये के बराबर है।
World News: नेपाल सरकार ने 15 जनवरी से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री में नकद लेनदेन की सीमा तय की है। अब किसी भी व्यक्ति, फर्म, कंपनी या संस्था द्वारा 5 लाख नेपाली रुपये या उससे अधिक के लेनदेन में नकद भुगतान की सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 3 लाख रुपये के बराबर है।
सरकार ने गुरुवार, 8 जनवरी को नेपाल गजट में नोटिस जारी कर इस फैसले की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि इस सीमा का पालन सभी प्रकार की वस्तु या सेवा की खरीद-बिक्री और किसी अन्य लेनदेन में किया जाना चाहिए।
कैश ट्रांजेक्शन पर नई लिमिट
गुरुवार, 8 जनवरी को नेपाल सरकार ने नेपाल गैजेट में नोटिफिकेशन जारी किया। नोटिफिकेशन के अनुसार, किसी भी व्यक्ति, फर्म, कंपनी या संस्था को 5 लाख नेपाली रुपये या उससे अधिक मूल्य के किसी भी लेन-देन पर नकद भुगतान की अनुमति नहीं होगी। यह नियम वस्तु या सेवा की खरीद-बिक्री दोनों पर लागू होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस सीमा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य बड़े नकद लेन-देन में पारदर्शिता लाना और वित्तीय प्रणाली में अनुशासन सुनिश्चित करना है।

मनी लॉन्ड्रिंग रोकने का मकसद
नेपाल सरकार ने यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2008 के तहत उठाया है। सरकार का मानना है कि नकद लेन-देन से अवैध वित्तीय गतिविधियों, जैसे कि मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी फंडिंग और कर चोरी को बढ़ावा मिलता है। सरकार का कहना है कि कैश ट्रांजेक्शन पर सीमा लगाने से वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध लेन-देन पर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
यह फैसला उस समय लिया गया है जब नेपाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने फिर से ग्रे लिस्ट में शामिल किया है। FATF ने नेपाल को वित्तीय प्रणाली में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण रोकने के उपायों को मजबूत करने की चेतावनी दी थी। विशेषज्ञों का कहना है कि 5 लाख नेपाली रुपये की कैश लिमिट इस दिशा में नेपाल की पहली बड़ी पहल है। इससे देश की वित्तीय प्रणाली पर निगरानी बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की साख में सुधार होगा।
नियम के मुख्य बिंदु
- लिमिट: 5 लाख नेपाली रुपये (करीब 3 लाख भारतीय रुपये) से अधिक नकद लेन-देन पर रोक।
- लागू होने की तारीख: 15 जनवरी 2026।
- लागू होने वाला क्षेत्र: सभी व्यक्ति, फर्म, कंपनियां और संस्थाएं।
- उद्देश्य: मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी फंडिंग और अवैध वित्तीय गतिविधियों की रोकथाम।
- संपर्क: उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई संभव।
व्यापारी और व्यवसायिक संगठन अब 500,000 नेपाली रुपये से अधिक लेन-देन के लिए बैंक ट्रांसफर या डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करेंगे। छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल लेन-देन में संक्रमण के लिए तैयार रहना होगा।












