प्रयागराज जिले में कड़ाके की ठंड का असर गोशालाओं पर भी दिखाई दे रहा है। बीती रात तापमान में अचानक आई गिरावट के कारण कई आश्रय-स्थलों में गोवंश ठंड की चपेट में आ गए। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार अब तक कई गोवंशों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों बीमार बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक जिले की 130 से अधिक गौशालाओं में करीब 35 हजार गोवंश रखे गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में बेसहारा पशु अभी भी आश्रय से बाहर रह रहे हैं। ठंड में इनकी सुरक्षा और देखभाल को लेकर इंतज़ाम पर्याप्त नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं।
स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि कई आश्रय-स्थलों में रात के समय ठंड से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कई गौशालाओं में तिरपाल, गरम बिछावन और उचित शेड का अभाव पाया गया। अचानक बढ़ी ठंड के कारण कमजोर और बीमार पशु सबसे अधिक प्रभावित हुए।
प्रशासन ने बीमार तथा कमजोर गोवंश के उपचार के लिए पशुचिकित्सा टीमों को तैनात किया है। अधिकारियों ने सभी गौशालाओं में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि वास्तविक स्थिति सरकारी दावों से अधिक गंभीर है और कई स्थलों में देखभाल की कमी साफ दिखाई देती है।
सर्दी के मौजूदा दौर में जिला प्रशासन पर उम्मीद है कि वह आश्रय-स्थलों में रहने वाले गोवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए ठोस कदम उठाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।










