रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात में डिफेंस, ऑयल और आर्थिक सहयोग सहित 8 बड़ी डील पर बातचीत की संभावना है। यात्रा भारत-रूस साझेदारी को मजबूत करेगी।
Russia: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई अहम समझौते (agreements) होने की संभावना है। पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय व्यापार, डिफेंस और आर्थिक सहयोग पर चर्चा करेंगे। उनकी यह यात्रा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
भारत-रूस साझेदारी के 25 साल
राष्ट्रपति पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने के मौके पर हो रही है। पुतिन इस दौरान 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन (annual summit) में हिस्सा लेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से पुतिन भारत में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच रहेंगे। उनका दौरा 4 और 5 दिसंबर को होगा और पूरी दुनिया इस यात्रा पर नजर बनाए हुए है।
बड़ी डील की संभावना
पुतिन के दौरे को लेकर माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण डील और एग्रीमेंट पर साइन होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर पुतिन भारत आए हैं। गौरतलब है कि साल 2022 में यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा है। इस यात्रा के दौरान डिफेंस, ऑयल सेक्टर और ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेड सहित कुल 8 बड़ी डील पर बातचीत होने की उम्मीद है।
पुतिन की पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु से बैठक
पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। इस दौरान कई बड़े एलान और एग्रीमेंट पर साइन होने की संभावना है। दोनों नेता संयुक्त मीडिया स्टेटमेंट भी जारी करेंगे। पुतिन की यात्रा के दौरान जिन डील्स पर चर्चा होने की उम्मीद है उनमें 2030 इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम के सेक्टोरल एग्रीमेंट्स, SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट डील, सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन डील, लॉजिस्टिक सपोर्ट डिफेंस समझौता, मॉड्यूलर रिएक्टर, एनर्जी कॉर्पोरेशन डील, ऑयल सेक्टर और ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेड शामिल हैं।

आर्थिक सहयोग पर फोकस
रूसी राजनयिक उशाकोव ने कहा कि पुतिन और पीएम मोदी द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक साझेदारी को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे। 2024 में भारत और रूस के बीच व्यापार 12 प्रतिशत बढ़कर लगभग 63.6 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। दोनों देश आर्थिक विकास पर खास ध्यान देंगे और निवेश, उत्पादन साझेदारी और टेक्नोलॉजी सहयोग पर जोर देंगे।
इंडिया-रूस बिजनेस फोरम
इस दौरे के दौरान शुक्रवार को पीएम मोदी दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे। बिजनेस फोरम में निवेश के अवसर, तकनीक में साझेदारी और उत्पादन सहयोग पर चर्चा होगी। इस मंच पर डिफेंस कॉर्पोरेशन के मामले पर भी बातचीत होगी। दोनों देशों के नेता UN, SCO, G20 और ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग और साझा दृष्टिकोण पर भी विचार साझा करेंगे।
डिफेंस सहयोग और मिसाइल अपग्रेड
पुतिन की यात्रा का एक मुख्य उद्देश्य भारत के साथ डिफेंस सहयोग को मजबूत करना है। SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट और ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेड जैसी महत्वपूर्ण डील्स पर चर्चा की जाएगी। लॉजिस्टिक सपोर्ट और सुरक्षा सहयोग पर भी बातचीत होगी। इससे भारत की सुरक्षा क्षमताओं और तकनीकी सहयोग में वृद्धि होगी।
इस दौरे में ऊर्जा और ऑयल सेक्टर को लेकर भी अहम एग्रीमेंट की संभावना है। दोनों देश मिलकर ऊर्जा उत्पादन और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना बनाएंगे। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और रूस के साथ आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।











