शांतिनगर कॉलोनी में शनिवार शाम जहरीला धुआं फैलने से हड़कंप मच गया। अचानक फैले धुएं ने करीब एक किलोमीटर दायरे में लोगों को प्रभावित किया, जिससे तेज खांसी, सांस फूलना और सीने में दर्द जैसे लक्षण सामने आए। गंभीर स्थिति में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे और लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए।
सीकर: शांतिनगर कॉलोनी में शनिवार शाम अचानक जहरीला धुआं फैलने से स्थानीय निवासियों और हॉस्टल में रह रहे बच्चों में दहशत फैल गई। शाम करीब छह बजे शुरू हुआ धुआं रात 9.30 बजे तक एक किलोमीटर के क्षेत्र में छाया रहा, जिससे लोगों में तेज खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायतें बढ़ने लगीं।
गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इसी दौरान कॉलोनी की 65 वर्षीय नसीमा पत्नी मोहम्मद सलीम की तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। फिलहाल 15 बच्चों सहित 23 लोग उपचाराधीन हैं।
नया प्लांट बना खतरा
एसके अस्पताल में शनिवार देर रात तक 15 बच्चों सहित 23 लोगों को भर्ती कराया गया, जिन्हें जहरीली गैस के प्रभाव से सांस लेने में दिक्कत, खांसी और सीने में दर्द की शिकायत हुई। शांतिनगर कॉलोनी में साड़ियाँ और कपड़े जलाकर धातु निकालने वाली फैक्ट्री में उसी दिन नया प्लांट लगाया गया था, जहां से गैस रिसाव की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी पर कलक्टर मुकुल शर्मा, एसपी प्रवीण नायक नूनावत सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री को सीज करने की तैयारी शुरू कर दी है और जांच जारी है।
गंदरहित था धुआँ
शांतिनगर कॉलोनी में फैला धुआं पूरी तरह गंधहीन था, जिससे लोगों को शुरुआत में इसकी गंभीरता का अंदाजा नहीं लगा। निवासी स्वीटी के अनुसार, अचानक बढ़े धुएं से खांसी, सांस फूलना और सिरदर्द की तकलीफें शुरू हो गईं। हालात बिगड़ने पर दर्जनों लोग मास्क लगाकर घरों से बाहर निकले और सुरक्षित जगहों की तलाश में जुटे।
मौत के कारणों पर जांच शुरू
घटना के बाद प्रशासन ने महिला की मौत के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। अपर जिला कलक्टर रतन कुमार ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की मौत धुएं के असर से हुई या सामान्य परिस्थितियों में। मेडिकल जांच और फैक्ट्री निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत और धुएं के फैलाव के कारणों की पुष्टि हो पाएगी।












