सोनभद्र जिले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इन परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में कुल 110 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए 12 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
जानकारी के अनुसार, यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा होती हैं, जिनमें छात्रों के विषयगत ज्ञान और प्रयोगात्मक क्षमता का आकलन किया जाता है। इसे देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इसी कारण परीक्षा से पहले ही सभी संबंधित अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में बनाए गए 110 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के हजारों छात्र-छात्राएं प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, आंतरिक परीक्षक और बाहरी परीक्षकों की तैनाती की गई है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण, रसायन और अन्य सामग्री पहले से उपलब्ध रहे, ताकि परीक्षा के दौरान किसी छात्र को परेशानी न हो।
प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 12 मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग सेक्टरों में तैनात किया है। ये मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियमों के अनुसार संचालित हो। नकल, अनुचित साधनों के प्रयोग या किसी भी तरह की गड़बड़ी की स्थिति में संबंधित मजिस्ट्रेट को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सभी केंद्रों पर परीक्षकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि मूल्यांकन पूरी निष्पक्षता के साथ किया जाए। छात्रों के अंक तय मानकों के अनुसार ही दिए जाएं और किसी भी तरह का दबाव, सिफारिश या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा के दौरान छात्रों की पहचान, उपस्थिति और रिकॉर्ड को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश हैं।
इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। परीक्षा अवधि के दौरान अनावश्यक भीड़, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की सहायता भी ली जाएगी, ताकि परीक्षा का माहौल पूरी तरह अनुशासित बना रहे।
जिला प्रशासन ने छात्रों से भी अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने प्रवेश पत्र व अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं। साथ ही परीक्षा के दौरान बोर्ड द्वारा निर्धारित सभी नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों का प्रयोग न करें।
अधिकारियों का कहना है कि यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं छात्रों के अंतिम परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए इसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कड़ी निगरानी, मजिस्ट्रेटों की तैनाती और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के चलते परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ किया गया है।
जिले में की गई इन व्यापक तैयारियों से यह स्पष्ट है कि सोनभद्र प्रशासन यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाओं को बिना किसी अव्यवस्था के सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्धारित तिथि से शुरू होने वाली यह परीक्षाएं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होंगी और छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।











