Tata Trusts में बड़ा बदलाव होने वाला है। 17 जनवरी को Neville टाटा को SRTT का ट्रस्टी बनाए जाने पर चर्चा होगी। इससे नई पीढ़ी की भागीदारी और ट्रस्ट में संगठनात्मक सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
Tata Trusts: टाटा ट्रस्ट्स में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को होने वाली बोर्ड बैठक में नेविल टाटा को सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) का ट्रस्टी बनाए जाने पर चर्चा होने की संभावना है। नेविल टाटा पहले ही नवंबर 2025 में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) में ट्रस्टी बने थे।
SRTT और SDTT टाटा संस के दो सबसे बड़े शेयरधारक हैं। ये ट्रस्ट्स टाटा समूह के विभिन्न व्यवसायों के नियंत्रण में हैं, जिनमें नमक, स्टील, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
नेविल टाटा का प्रोफाइल
33 वर्षीय नेविल टाटा समूह के रिटेल कारोबार के प्रमुख हैं। वे स्टार बाजार और ट्रेंट्स के सुपरमार्केट व्यवसाय का नेतृत्व करते हैं। इसके अलावा उन्होंने टाटा ग्रुप की कई रिटेल कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली है।
उनकी नियुक्ति को उद्योग विशेषज्ञ नई पीढ़ी की भागीदारी और संगठनात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं। नेविल टाटा नोएल टाटा और उनकी पत्नी आलू मिस्त्री के तीन बच्चों में से एक हैं। आलू मिस्त्री शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप के पूर्व चेयरमैन की बेटी हैं। इस परिवार की टाटा संस में 18 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।
टाटा ट्रस्ट्स में पिछले विवाद
पिछले साल टाटा ट्रस्ट्स में आंतरिक मतभेद सुर्खियों में रहे थे। इस दौरान विवाद सुलझाने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। उस समय मेहली मिस्त्री, जो रतन टाटा के करीबी सहयोगी रहे हैं, ट्रस्ट से बाहर हो गए और इस्तीफा दे दिया।
ट्रस्ट उस समय दो समूहों में बंट गया था। पहला समूह नोएल टाटा के नेतृत्व में और दूसरा मेहली मिस्त्री के नेतृत्व में था। इस विवाद ने ट्रस्ट के कामकाज और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे।
नेविल की नियुक्ति का महत्व
नेविल टाटा की संभावित नियुक्ति को टाटा ट्रस्ट्स में संगठनात्मक सुधार और नई पीढ़ी की भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है। इससे ट्रस्ट के निर्णयों में पारदर्शिता और युवा नेतृत्व की मजबूत भूमिका बढ़ सकती है।
ट्रस्ट में नेविल के शामिल होने से नोएल टाटा की टीम को भी बल मिलेगा और लंबे समय से चले आ रहे विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद मिलेगी।
टाटा परिवार की नई पीढ़ी की भूमिका
नेविल टाटा की बहनें लिया और माया कुछ सहायक ट्रस्ट्स में सक्रिय हैं, लेकिन वे अभी तक बड़े ट्रस्ट्स का हिस्सा नहीं बनी हैं। नेविल की प्रमुख भूमिका से यह संकेत मिलता है कि टाटा परिवार में नई पीढ़ी अब सीधे मुख्य ट्रस्ट्स में भागीदारी करने लगी है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम टाटा ट्रस्ट्स और समूह के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है। इससे न केवल नेतृत्व में नई सोच आएगी, बल्कि समूह के व्यवसायिक निर्णयों में भी नई दिशा मिलेगी।











